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Indians in Thailand: थाईलैंड में भारतीय ही क्यों बना रहे हैं भारतीयों को निशाना? बढ़ रहे हैं किडनैपिंग और ट्रैफिकिंग के मामले!

Indians in Thailand से जुड़ी हालिया घटनाओं ने विदेश यात्रा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाईलैंड घूमने या नौकरी के लिए जाने वाले कई भारतीय हाल के महीनों में अपहरण, फिरौती, मानव तस्करी और साइबर स्कैम गैंग

Indians in Thailand: थाईलैंड में भारतीय ही क्यों बना रहे हैं भारतीयों को निशाना? बढ़ रहे हैं किडनैपिंग और ट्रैफिकिंग के मामले!

Indians in Thailand से जुड़ी हालिया घटनाओं ने विदेश यात्रा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाईलैंड घूमने या नौकरी के लिए जाने वाले कई भारतीय हाल के महीनों में अपहरण, फिरौती, मानव तस्करी और साइबर स्कैम गैंग का शिकार हुए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन मामलों में कई बार आरोपी भी भारतीय ही निकले। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विदेश में भारतीयों द्वारा भारतीयों को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ रही हैं? आइए पूरा मामला विस्तार से जानते हैं।

क्या थाईलैंड में भारतीयों के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं?

हाल के महीनों में थाईलैंड में भारतीय पर्यटकों और नौकरी की तलाश में पहुंचे लोगों के अपहरण, फिरौती, मानव तस्करी और साइबर स्कैम से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। जांच में कई मामलों में भारतीय नागरिकों की संलिप्तता मिली है। हालांकि हर भारतीय यात्री जोखिम में नहीं है, लेकिन फर्जी जॉब ऑफर, सस्ते टूर पैकेज और ऑनलाइन संपर्कों के जरिए होने वाले अपराधों में वृद्धि चिंता का विषय बन गई है।

Indians in Thailand
Image Source: India Today

हालिया मामला जिसने सबको चौंका दिया

21 जुलाई को तीन भारतीय बैंकॉक घूमने पहुंचे थे। उन्हें सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर पटाया बुलाया गया, जहां उनका अपहरण कर लिया गया। आरोपियों ने उन्हें एक सप्ताह तक बंधक बनाकर रखा, बेरहमी से प्रताड़ित किया और उनके परिवार से लगभग 24 लाख बहत (करीब 70 लाख रुपये) की फिरौती मांगी। परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद थाई पुलिस ने छापा मारकर तीनों को सुरक्षित बचा लिया। जांच में सामने आया कि इस गैंग में भारतीय और पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे और कथित मास्टरमाइंड दुबई में बैठा था।

क्या ऐसे मामलों में बढ़ोतरी हो रही है?

हालिया घटनाएं बताती हैं कि यह कोई अकेला मामला नहीं है। पिछले डेढ़-दो वर्षों में कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं।

  • मार्च 2025: कई भारतीयों को फर्जी नौकरी का झांसा देकर म्यांमार के साइबर स्कैम सेंटर भेजा गया। 
  • मार्च 2025: 283 भारतीयों को म्यांमार सीमा के स्कैम कंपाउंड से बचाकर वापस लाया गया। 
  • जनवरी 2026: आंध्र प्रदेश के 120 से अधिक लोगों को साइबर अपराध केंद्रों से छुड़ाया गया। 
  • फरवरी 2026: तीन भारतीय महिलाओं को नौकरी का झांसा देकर पटाया बुलाया गया और कथित रूप से देह व्यापार के लिए मजबूर किया गया। 
  • फरवरी 2026: दो भारतीय पर्यटकों का भारतीय नागरिकों ने अपहरण कर फिरौती मांगी। 
  • अप्रैल 2025: ऑस्ट्रिया में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन भारतीयों का अपहरण किया गया और फिरौती मांगी गई। 
  • जून 2026: महाराष्ट्र के कई युवक अब भी थाईलैंड-म्यांमार सीमा पर साइबर गैंग के कब्जे में बताए गए। 

इन घटनाओं से साफ संकेत मिलता है कि Crime Against Indians Abroad और Indians Target Indians Abroad जैसे मामलों में चिंता बढ़ी है।

 

भारतीयों को कैसे बनाया जा रहा है निशाना?

जांच एजेंसियों के अनुसार अपराधी सबसे पहले भरोसा जीतते हैं और फिर जाल बिछाते हैं। मुख्य तरीके इस प्रकार हैं

  • बेहद सस्ते विदेश टूर पैकेज 
  • सोशल मीडिया के जरिए संपर्क 
  • विदेश में हाई सैलरी वाली नौकरी का झांसा 
  • होटल, रेस्टोरेंट या आईटी सेक्टर में नौकरी का फर्जी ऑफर 
  • पासपोर्ट जब्त कर बंधक बनाना 
  • फिरौती वसूलना 
  • साइबर फ्रॉड या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में जबरन शामिल करना 

 

थाईलैंड भारतीयों के लिए इतना लोकप्रिय क्यों है?

थाईलैंड भारतीय पर्यटकों की पसंदीदा विदेशी डेस्टिनेशन में शामिल है।

  • 2025 में लगभग 25 लाख भारतीय थाईलैंड पहुंचे। 
  • 2023 में यह संख्या करीब 16.3 लाख थी। 
  • थाईलैंड में करीब 2.75 लाख भारतीय मूल के लोग और भारतीय नागरिक रहते हैं। 
  • भारतीय समुदाय व्यापार, होटल, आईटी, स्वास्थ्य, वित्त और जेम्स-ज्वेलरी जैसे क्षेत्रों में सक्रिय है। 

इसी बड़ी भारतीय मौजूदगी का फायदा अपराधी भी उठा रहे हैं।

 

विदेश यात्रा के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?

यदि आप थाईलैंड या किसी भी विदेशी देश की यात्रा कर रहे हैं तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें

  • केवल विश्वसनीय ट्रैवल एजेंसी से ही पैकेज बुक करें। 
  • सोशल मीडिया पर मिले नौकरी के ऑफर की पूरी जांच करें। 
  • किसी अनजान व्यक्ति को पासपोर्ट या अन्य दस्तावेज न दें। 
  • होटल और ट्रैवल बुकिंग की आधिकारिक वेबसाइट से पुष्टि करें। 
  • भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर अपने पास रखें। 
  • परिवार को अपनी यात्रा की पूरी जानकारी देते रहें। 
  • किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस और भारतीय दूतावास से संपर्क करें। 

 

निष्कर्ष

Indians in Thailand से जुड़े हालिया मामलों ने यह दिखाया है कि विदेश यात्रा के दौरान केवल स्थानीय अपराधियों से ही नहीं, बल्कि कभी-कभी भारतीय नागरिकों द्वारा संचालित संगठित गिरोहों से भी खतरा हो सकता है। हालांकि अधिकांश भारतीय सुरक्षित यात्रा करते हैं, लेकिन फर्जी नौकरी, सस्ते टूर पैकेज और ऑनलाइन लालच से जुड़े मामलों में सावधानी बेहद जरूरी है। भारत और थाईलैंड की एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन यात्रियों की जागरूकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

FAQs:

हाल के महीनों में भारतीय पर्यटकों और नौकरी की तलाश में गए लोगों के अपहरण, फिरौती, मानव तस्करी और साइबर स्कैम से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिनमें कई आरोपियों की पहचान भारतीय नागरिकों के रूप में हुई है।

जांच एजेंसियों के अनुसार संगठित अपराधी भारतीय यात्रियों का भरोसा जीतने के लिए उनकी भाषा और पहचान का इस्तेमाल करते हैं तथा उन्हें फर्जी नौकरी, टूर पैकेज या निवेश के नाम पर फंसाते हैं।

थाई पुलिस और भारतीय एजेंसियां संयुक्त कार्रवाई कर कई पीड़ितों को बचा चुकी हैं। दोनों देशों के बीच अपराधियों पर कार्रवाई और जांच में सहयोग भी बढ़ाया जा रहा है।

ऐसे मामलों में भारतीय दूतावास समय-समय पर यात्रियों को केवल अधिकृत ट्रैवल एजेंसियों और सत्यापित नौकरी के प्रस्तावों पर भरोसा करने तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दूतावास से संपर्क करने की सलाह देता है।

फर्जी टूर पैकेज और नौकरी के ऑफर से बचें, दस्तावेज किसी को न सौंपें, परिवार को यात्रा की जानकारी दें और स्थानीय पुलिस व भारतीय दूतावास के संपर्क विवरण हमेशा अपने पास रखें।

सबसे पहले स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं, भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से तुरंत संपर्क करें, परिवार को सूचना दें और उपलब्ध सभी दस्तावेज तथा सबूत सुरक्षित रखें।

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