सरकार ने Conflict of Interest Policy पर क्या कहा?
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि Technology Development Board (TDB) में पहले से ही एक व्यापक और मजबूत Conflict of Interest Policy लागू है। मंत्रालय के अनुसार–
- जिन सदस्यों का किसी कंपनी में व्यक्तिगत हित था, उन्होंने पहले ही इसकी जानकारी दी।
- ऐसे सभी सदस्य संबंधित कंपनी के मूल्यांकन और निर्णय प्रक्रिया से पूरी तरह अलग रहे।
- किसी भी हितों के टकराव वाले सदस्य ने फंड मंजूरी की प्रक्रिया में भाग नहीं लिया।
- सभी निर्णय केवल योग्यता (Merit) और निर्धारित दिशानिर्देशों के आधार पर लिए गए।
सरकार ने यह भी कहा कि इस नीति का वर्षों से पालन किया जा रहा है और अब तक किसी प्रकार की शिकायत या अनियमितता सामने नहीं आई है।
कंपनियों का चयन कैसे किया गया?
मंत्रालय के अनुसार, फंड वितरण से पहले Technology Development Board ने विस्तृत Standard Operating Procedures (SoPs) और प्री-इन्वेस्टमेंट गाइडलाइंस तैयार की थीं। इन दिशानिर्देशों में स्पष्ट किया गया था कि यदि किसी सदस्य का किसी कंपनी से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हित जुड़ा हो, तो उसे–
- पहले इसकी घोषणा करनी होगी।
- संबंधित प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल नहीं होना होगा।
- निर्णय लेने की प्रक्रिया से पूरी तरह अलग रहना होगा।
सरकार का दावा है कि इन सभी नियमों का सख्ती से पालन किया गया।
सरकार ने पारदर्शिता को लेकर क्या भरोसा दिया?
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा कि सरकार भारत के Research Development Innovation Funds को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही के साथ संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार के अनुसार, RDI Scheme का उद्देश्य केवल योग्य परियोजनाओं को सहायता देना है ताकि देश में विज्ञान, तकनीक और नवाचार को गति मिल सके।
निष्कर्ष
RDI Funds Conflict of Interest को लेकर उठे सवालों पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि पूरी चयन प्रक्रिया में Conflict of Interest Policy का सख्ती से पालन किया गया और जिन सदस्यों का किसी कंपनी से हित जुड़ा था, उन्हें निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा गया। सरकार का कहना है कि RDI Scheme के तहत सभी Government RDI Funds केवल योग्यता, पारदर्शिता और निर्धारित नियमों के आधार पर वितरित किए गए हैं।
FAQs
- RDI फंड क्या हैं?
RDI (Research, Development and Innovation) Fund केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य अनुसंधान, तकनीकी विकास, स्टार्टअप्स और नवाचार आधारित परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
- सरकार ने Conflict of Interest Policy पर क्या कहा?
सरकार ने कहा कि जिन सदस्यों का किसी कंपनी से व्यक्तिगत हित था, उन्होंने पहले ही इसकी घोषणा की और संबंधित कंपनी के मूल्यांकन या फंडिंग के निर्णय में हिस्सा नहीं लिया।
- RDI फंड के लिए कंपनियों का चयन कैसे किया जाएगा?
कंपनियों का चयन निर्धारित दिशानिर्देशों, Standard Operating Procedures (SoPs) और योग्यता आधारित मूल्यांकन प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है।
- Conflict of Interest Policy क्यों आवश्यक है?
यह नीति सुनिश्चित करती है कि किसी भी निर्णय में व्यक्तिगत हित का प्रभाव न पड़े और सार्वजनिक धन का निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से उपयोग हो।
- इस नीति का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता, जवाबदेही और विश्वास बनाए रखना है ताकि योग्य परियोजनाओं को ही सरकारी सहायता मिल सके।
- RDI फंड से किन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा?
इस योजना से स्टार्टअप्स, अनुसंधान संस्थान, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र, डीप-टेक कंपनियां और नवाचार आधारित उद्योगों को वित्तीय सहायता और विकास के अवसर मिलेंगे।