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भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर अपोलो टायर्स का लोगो: नई डील से BCCI को 221 करोड़ रुपये का फायदा, कैनवा और जेके सीमेंट्स भी थे रेस में...

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के लिए नए जर्सी प्रायोजक की घोषणा कर दी है। अब अपोलो टायर्स (Apollo Tyres) मार्च 2028 तक भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम की जर्सी पर अपना लोगो लगाएगा। हाल ही में सरकार

भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर अपोलो टायर्स का लोगो: नई डील से BCCI को 221 करोड़ रुपये का फायदा, कैनवा और जेके सीमेंट्स भी थे रेस में...

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टीम इंडिया के लिए नए जर्सी प्रायोजक की घोषणा कर दी है। अब अपोलो टायर्स (Apollo Tyres) मार्च 2028 तक भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम की जर्सी पर अपना लोगो लगाएगा। हाल ही में सरकार द्वारा वास्तविक धनराशि वाले ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद ड्रीम11 का करार रद्द हो गया था, जिसके चलते टीम इंडिया एशिया कप में बिना जर्सी स्पॉन्सर के उतरी है।

Apollo Tyres logo on Indian cricket team jersey

BCCI ने क्या कहा..

आज हम भारतीय टीम के नए मुख्य प्रायोजक के रूप में वैश्विक टायर कंपनी अपोलो टायर्स के साथ ऐतिहासिक साझेदारी की घोषणा करते हैं। यह पहली बार है जब अपोलो टायर्स भारतीय क्रिकेट से जुड़ा है। देश के सबसे लोकप्रिय खेल से जुड़ना अपोलो टायर्स का एक रणनीतिक कदम है।

 

142 मैचों के लिए समझौता:

इस समझौते के तहत कंपनी साल 2028 तक कुल 142 मैचों के लिए 579 करोड़ रुपये दे रही है जिसमे कुल 121 द्विपक्षीय मुकाबले और 21 ICC टूर्नामेंट के मैच शामिल हैं। यानी टीम इंडिया जब भी इन मैचों में खेलेगी, खिलाड़ियों की जर्सी पर अपोलो टायर्स का लोगो दिखाई देगा।

 

ड्रीम-11 से ख़त्म किया कॉन्ट्रैक्ट:

ड्रीम-11 ने 2023 में BCCI के साथ 358 करोड़ रुपए का तीन साल का स्पॉन्सरशिप कॉन्ट्रैक्ट किया था। लेकिन हाल ही में रियल-मनी गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगने के कारण यह कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया।

  • इससे पहले मार्च 2023 तक BYJU'S टीम इंडिया का लीड स्पॉन्सर था

 

BCCI ने 2 सितंबर को जारी किए टेंडर:

BCCI ने 2 सितंबर को स्पॉन्सरशिप के लिए टेंडर जारी किए थे। इसके नियमों के अनुसार शराब, तंबाकू, सट्टेबाजी, रियल मनी गेमिंग (फैंटेसी गेमिंग को छोड़कर), क्रिप्टोकरेंसी, पोर्नोग्राफी या ऐसे ब्रांड जो सार्वजनिक नैतिकता को नुकसान पहुंचाते हों, साथ ही साथ एथलीजर और स्पोर्ट्सवियर निर्माता, बैंकिंग, वित्तीय कंपनियाँ, गैर-अल्कोहलिक शीतल पेय, पंखे, मिक्सर ग्राइंडर, सेफ्टी लॉक और बीमा कंपनियों को भी बोली लगाने से प्रतिबंधित किया गया था।

 

बोली लगाने वाली अन्य कंपनियाँ:

अपोलो टायर्स के साथ इस बड़े स्पॉन्सरशिप करार की दौड़ में और भी कंपनियाँ थीं। कैनवा और जेके सीमेंट दो अन्य कंपनियाँ थीं जिन्होंने बोली लगाई थी। इनके अलावा बिड़ला ऑप्टस पेंट्स ने भी निवेश करने की इच्छा जताई थी, लेकिन उन्होंने आधिकारिक बोली प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया।

 

प्रायोजक

प्रति द्विपक्षीय खेल दर (₹ करोड़)

द्विपक्षीय मैच

प्रति ICC खेल दर (₹ करोड़)

ICC मैच

कुल (₹ करोड़)

अपोलो टायर्स

4.5

121

1.72

20

579.06

Canva

4.28

121

1.83

20

554.48

जेके सीमेंट

3.7

121

1.5

20

477.7

 

BCCI को कितना फायदा होगा?

अपोलो टायर्स और BCCI के बीच यह करार मार्च 2028 तक चलेगा, जिसकी कीमत 579 करोड़ रुपये है। यह ड्रीम-11 के 358 करोड़ रुपये वाले करार से 221 करोड़ ज्यादा है। यानी BCCI को इस नई डील से 221 करोड़ रुपये का फायदा होगा। पहले ड्रीम-11 हर मैच के लिए 4 करोड़ रुपये देता था, जबकि अब अपोलो टायर्स BCCI को हर द्विपक्षीय मैच के लिए 4.5 करोड़ रुपये और प्रत्येक ICC मैच के लिए 1.72 करोड़ रुपये देगा ।

 

भारतीय टीम की जर्सी पर अपोलो टायर्स कब से आएगा नजर:

नई जर्सी का स्पॉन्सर अपोलो टायर्स जल्द ही भारतीय टीम की जर्सी पर नजर आएगा। सबसे पहले इसका लोगो वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू मैदान पर होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज में दिखाई देगा। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज में भी यह लोगो टीम इंडिया की जर्सी पर होगा। यही नहीं, भारत ए टीम की जर्सी पर भी नया लोगो नजर आएगा, जो इस समय ऑस्ट्रेलिया ए के साथ मल्टीफॉर्मेट सीरीज खेल रही है। अभी तक पुरुष टीम एशिया कप में और महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बिना जर्सी स्पॉन्सर के खेल रही है।

 

आइये जानते है अपोलो टायर्स लिमिटेड के बारे में:

अपोलो टायर्स लिमिटेड एक भारतीय बहुराष्ट्रीय टायर बनाने वाली कंपनी है। इसका मुख्यालय गुरुग्राम, हरियाणा में है।

  • स्थापना: 1972 में
  • पहला कारखाना: केरल के पेरम्बरा में शुरू किया गया था।
  • निर्माण इकाइयाँ: भारत में 5, नीदरलैंड में 1 और हंगरी में 1 संयंत्र है।
  • राजस्व (2024 तक):
  • 87% भारत से
  • 11% यूरोप से
  • 2% अन्य देशों से

 

निष्कर्ष:

BCCI और अपोलो टायर्स के बीच हुआ यह करार केवल एक व्यावसायिक साझेदारी नहीं, बल्कि खेल और उद्योग जगत के बीच एक मजबूत सेतु है। यह न केवल भारतीय क्रिकेट को नई ऊर्जा देगा, बल्कि अपोलो टायर्स की वैश्विक उपस्थिति और ब्रांड विश्वसनीयता को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।

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