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नेतन्याहू का दावा- ईरान ने बेटे को मारने की कोशिश की, चुनाव से पहले परिवार की सुरक्षा पर क्यों मचा विवाद?

इजराइली PM नेतन्याहू का दावा है कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या की कोशिश की। उन्होंने बेटे का नाम या घटना का विवरण नहीं बताया। परिवार की सुरक्षा पहले से विवाद में है, वहीं 2024 में उनके घर पर ड्रोन हमला भी हुआ था।

नेतन्याहू का दावा- ईरान ने बेटे को मारने की कोशिश की, चुनाव से पहले परिवार की सुरक्षा पर क्यों मचा विवाद?

इजराइली PM नेतन्याहू का दावा है कि ईरान ने उनके एक बेटे की हत्या की कोशिश की। उन्होंने बेटे का नाम या घटना का विवरण नहीं बताया। परिवार की सुरक्षा पहले से विवाद में है, वहीं 2024 में उनके घर पर ड्रोन हमला भी हुआ था।

Iran Targeted Netanyahu son : इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को दावा किया कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाया था और उनके दो बेटों में से एक की हत्या की कोशिश भी की गई थी। उन्होंने यह बात सरकार समर्थक चैनल 14 को दिए फोन इंटरव्यू में कही। हालांकि, नेतन्याहू ने यह नहीं बताया कि दोनों बेटों में से किसे निशाना बनाया गया, घटना कब हुई या कथित हमले की कोशिश किस तरह की गई। ईरान की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी सामने नहीं आई है।

नेतन्याहू ने यह बयान ऐसे समय दिया है जब इजराइल में अक्टूबर में होने वाले आम चुनाव से पहले नेताओं की सुरक्षा को लेकर बहस चल रही है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को दी जा रही सुरक्षा कोई ऐशोआराम नहीं है। उनका यह बयान हाल ही में उनकी पत्नी सारा और दोनों बेटों को सुरक्षा देने के फैसले के संदर्भ में भी आया है। जुलाई 2026 में एक मंत्रीस्तरीय समिति ने सारा नेतन्याहू को जीवनभर सुरक्षा और दोनों बेटों याइर और अवनर को कम से कम 5 साल तक सुरक्षा देने की मंजूरी दी थी, चाहे नेतन्याहू चुनाव हारें या नहीं।

नेतन्याहू के दोनों बेटे कौन हैं?

नेतन्याहू के दो बेटे हैं - याइर और अवनर। बड़े बेटे याइर राजनीति या संसद में कोई पद नहीं संभालते, लेकिन सोशल मीडिया पर अपनी दक्षिणपंथी और सरकार समर्थक राजनीतिक राय के कारण चर्चा में रहते हैं। वह पिछले कुछ वर्षों से ज्यादातर मियामी में रह रहे हैं।

Image: नेतन्याहू दोनों बेटों याइर और अवनर के साथ।

याइर की सुरक्षा को लेकर इजराइल में पहले भी विवाद रहा है। सवाल यह उठता रहा है कि विदेश में रहने वाले एक वयस्क व्यक्ति की सुरक्षा का खर्च सरकार क्यों उठा रही है। 2024 में भी याइर की विदेश में सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। उस समय बताया गया था कि 2018 से 2023 के बीच राज्य ने याइर की सुरक्षा पर 10.2 मिलियन शेकेल से ज्यादा खर्च किए थे। इसी अवधि में अवनर की सुरक्षा पर करीब 11.42 मिलियन शेकेल और सारा नेतन्याहू की सुरक्षा पर करीब 10.65 मिलियन शेकेल खर्च होने की रिपोर्ट थी।

हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर इजराइली अधिकारियों का कहना रहा है कि सुरक्षा का फैसला खतरे के आकलन के आधार पर किया जाता है। विदेश में रहने के कारण याइर की सुरक्षा का खर्च भी सामान्य से ज्यादा हो सकता है, क्योंकि इसमें सुरक्षाकर्मियों के रहने, आने-जाने और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था जैसी लागत शामिल होती है।

शीन बेट संभालती है नेतन्याहू परिवार की सुरक्षा

नेतन्याहू और उनके परिवार की सुरक्षा में इजराइल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी शीन बेट (Shin Bet) की बड़ी भूमिका है। सुरक्षा सिर्फ प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत सुरक्षा तक सीमित नहीं है। उनके निजी और सरकारी आवासों की सुरक्षा, सुरक्षा घेरा और खतरे के हिसाब से विशेष इंतजाम भी इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं।

इजराइल में प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर व्यवस्था काफी सख्त है। 2023 में नेतन्याहू परिवार के कैसरिया स्थित घर के पास एक मकान तक शीन बेट के सुरक्षाकर्मियों के इस्तेमाल के लिए लिया गया था, ताकि वहां तैनात सुरक्षा कर्मचारी आराम और ठहरने की व्यवस्था कर सकें।

2024 में ईरान से बढ़ते खतरे के बीच नेतन्याहू परिवार की सुरक्षा को लेकर और भी चिंताएं सामने आई थीं। रिपोर्टों के मुताबिक शीन बेट ने गंभीर हमले की स्थिति में नेतन्याहू और उनके परिवार की सुरक्षा के लिए यरुशलम में मौजूद एक सुरक्षित भूमिगत परिसर को तैयार रखने की व्यवस्था भी की थी।

चुनाव हारने पर भी सुरक्षा क्यों मिलेगी?

जुलाई 2026 में इजराइल की मंत्रीस्तरीय समिति ने सारा नेतन्याहू को जीवनभर सुरक्षा देने और उनके दोनों बेटों की सुरक्षा को अगले 5 साल तक बढ़ाने की मंजूरी दी। यह सुरक्षा भविष्य के चुनाव के नतीजे से जुड़ी नहीं है। यानी अगर नेतन्याहू अगला चुनाव हार भी जाते हैं, तब भी उनकी पत्नी और दोनों बेटों को तय अवधि तक सुरक्षा मिलती रहेगी।

यही फैसला विवाद की वजह भी बना है। आलोचकों का सवाल है कि क्या वयस्क बेटों को लंबे समय तक सरकारी सुरक्षा देना जरूरी है, खासकर तब जब उनमें से एक विदेश में रहता है। दूसरी तरफ नेतन्याहू का ताजा दावा है कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाने की कोशिश की थी, इसलिए सुरक्षा को खर्च या सुविधा के रूप में देखना सही नहीं है।

हालांकि, यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ईरान द्वारा नेतन्याहू के बेटे की हत्या की कोशिश का दावा अभी सार्वजनिक रूप से पूरी तरह साबित नहीं हुआ है। नेतन्याहू ने भी कथित घटना की तारीख, जगह और तरीका नहीं बताया है। इसलिए इसे फिलहाल नेतन्याहू के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

नेतन्याहू के घर पर पहले भी ड्रोन हमला हो चुका है

नेतन्याहू परिवार के लिए खतरा सिर्फ एक दावा नहीं है। अक्टूबर 2024 में लेबनान से आया एक ड्रोन कैसरिया में नेतन्याहू के निजी आवास तक पहुंचा था। उस समय नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा घर पर नहीं थे और कोई घायल नहीं हुआ था। बाद में इजराइली अधिकारियों ने पुष्टि की कि ड्रोन ने उनके आवास की इमारत को नुकसान पहुंचाया था। हिज्बुल्लाह ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।

नेतन्याहू ने उस समय हमले के लिए ईरान समर्थित समूहों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि उनकी और उनकी पत्नी की हत्या की कोशिश की गई। हालांकि, उस हमले में सीधे ईरान की सेना की भूमिका साबित नहीं हुई थी। हमला लेबनान से हिज्बुल्लाह की ओर से किया गया था।

यही पुराना मामला यह समझने में मदद करता है कि नेतन्याहू परिवार की सुरक्षा को लेकर इजराइल में चिंता क्यों बनी हुई है। लेकिन 2026 में उनके बेटे को निशाना बनाने के ताजा दावे और 2024 के ड्रोन हमले को एक ही घटना मानना सही नहीं होगा।

ईरानी टीवी पर ट्रंप के बेटे बैरन को भी धमकी

इसी बीच ईरान से जुड़ी एक और घटना ने अमेरिका में चिंता बढ़ाई है। ईरानी सरकारी मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे बैरन ट्रंप को निशाना बनाने वाला करीब 3 मिनट का वीडियो प्रसारित हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक वीडियो में बैरन की गतिविधियों, उनके आसपास की सुरक्षा और उनसे जुड़े स्थानों की जानकारी दिखाने की कोशिश की गई। इसमें उन्हें निशाना बनाने से जुड़े 1 करोड़ डॉलर के इनाम का भी दावा किया गया।

इस तरह की सामग्री को लेकर अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता स्वाभाविक है, लेकिन किसी टीवी कार्यक्रम में धमकी दिखाए जाने और वास्तविक हत्या की साजिश के बीच फर्क होता है। इसलिए इसे सीधे किसी वास्तविक हमले की योजना का प्रमाण मानना भी सही नहीं होगा।

ईरान और इजराइल के बीच तनाव में परिवार क्यों निशाने पर आते हैं?

ईरान और इजराइल के बीच लंबे समय से सीधा और अप्रत्यक्ष टकराव चलता रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने पर राजनीतिक और सैन्य नेताओं की सुरक्षा स्वाभाविक रूप से बढ़ाई जाती है। इसके अलावा ईरान से जुड़े हिज्बुल्लाह और दूसरे क्षेत्रीय समूहों की गतिविधियां भी इजराइल की सुरक्षा चिंताओं का हिस्सा रही हैं।

नेतन्याहू खुद ईरान के खिलाफ बेहद सख्त रुख के लिए जाने जाते हैं। इसलिए उनका परिवार भी सुरक्षा एजेंसियों की नजर में संभावित लक्ष्य माना जा सकता है। लेकिन किसी व्यक्ति को वास्तव में निशाना बनाने की कोशिश हुई या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए खुफिया जानकारी और आधिकारिक जांच जरूरी होती है।

FAQ:

Netanyahu ने क्यों दावा किया कि Iran ने उनके बेटे को Target किया?

नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने उनके परिवार को निशाना बनाया और उनके एक बेटे की हत्या की कोशिश की। उन्होंने यह दावा अपने परिवार की सुरक्षा का बचाव करते हुए किया, लेकिन कथित घटना की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की।

Iran ने Netanyahu के बेटे को Target करने की कोशिश कैसे की?

इस बारे में अभी कोई सार्वजनिक जानकारी नहीं है। नेतन्याहू ने यह नहीं बताया कि कथित हत्या की कोशिश कब, कहां और किस तरीके से की गई थी। इसलिए हमले के तरीके को लेकर कोई दावा करना सही नहीं होगा।

Netanyahu के बेटे का नाम क्या है?

बेंजामिन नेतन्याहू के दो बेटे हैं - याइर नेतन्याहू और अवनर नेतन्याहू। नेतन्याहू ने यह नहीं बताया कि कथित तौर पर इनमें से किसे निशाना बनाया गया था।

क्या Iran ने Netanyahu के परिवार को Target करने की पुष्टि की है?

अभी तक ईरान की ओर से नेतन्याहू के बेटे की हत्या की कोशिश के इस दावे की पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इसे फिलहाल इजराइली प्रधानमंत्री का दावा ही माना जाना चाहिए।

Israel-Iran Conflict में Netanyahu की क्या भूमिका है?

नेतन्याहू ईरान के खिलाफ इजराइल की सख्त नीति के प्रमुख चेहरों में से एक हैं। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को इजराइल लंबे समय से बड़ी सुरक्षा चुनौती मानता रहा है।

Iran और Israel के बीच तनाव क्यों बढ़ा है?

दोनों देशों के बीच तनाव ईरान के परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय प्रभाव, मिसाइल क्षमता और ईरान समर्थित सशस्त्र समूहों को लेकर लंबे समय से बना हुआ है। गाजा, लेबनान और दूसरे क्षेत्रीय संघर्षों ने भी इस टकराव को और बढ़ाया है।

Netanyahu के दावे पर Iran की क्या प्रतिक्रिया आई?

नेतन्याहू के ताजा दावे पर ईरान की ओर से ऐसी कोई सार्वजनिक पुष्टि सामने नहीं आई है, जिससे यह साबित हो कि उनके किसी बेटे की हत्या की वास्तविक कोशिश की गई थी। इसलिए मामले में अभी और आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

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