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UP क्रिकेट में बढ़ा प्रतिनिधित्व का मुद्दा, 3 रणजी टीमों की मांग को लेकर युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन !

उत्तर प्रदेश के युवा क्रिकेटरों ने घरेलू क्रिकेट में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और खिलाड़ियों को मिलने वाले अवसरों को लेकर आवाज उठाई है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में हुए प्रदर्शन में तीन रणजी ट्रॉफी टीमों की मांग प्रमुख रही।

UP क्रिकेट में बढ़ा प्रतिनिधित्व का मुद्दा, 3 रणजी टीमों की मांग को लेकर युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन !

उत्तर प्रदेश के युवा क्रिकेटरों ने घरेलू क्रिकेट में क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और खिलाड़ियों को मिलने वाले अवसरों को लेकर आवाज उठाई है। लखनऊ के इकाना स्टेडियम में हुए प्रदर्शन में तीन रणजी ट्रॉफी टीमों की मांग प्रमुख रही। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि राज्य की बड़ी आबादी और व्यापक क्रिकेट प्रतिभा को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था में अधिक खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलने का अवसर मिलना चाहिए। इस मांग के साथ उत्तर प्रदेश के घरेलू क्रिकेट ढांचे और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को लेकर बहस भी तेज हो गई है।

UP में तीन रणजी टीमों की मांग को लेकर प्रदर्शन

24 अगस्त 2026 को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में करीब 250 Gen Z क्रिकेटरों और उनके अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग उत्तर प्रदेश से एक के बजाय तीन रणजी ट्रॉफी टीमें बनाने की है। यह प्रदर्शन उत्तर प्रदेश क्रिकेट प्लेयर्स एसोसिएशन और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पूर्वांचल के तत्वावधान में किया गया। प्रदर्शन में शामिल क्रिकेटर मुख्य रूप से पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश से बताए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में सिर्फ एक रणजी टीम होने से बड़ी संख्या में खिलाड़ियों के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में जगह बनाना मुश्किल हो जाता है। उनका मानना है कि तीन रणजी टीमों की व्यवस्था होने से राज्य के अलग अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों को प्रतिनिधित्व और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिल सकते हैं।

उत्तर प्रदेश के Gen Z क्रिकेटरों ने क्यों उठाई तीन रणजी टीमों की मांग

उत्तर प्रदेश के Gen Z क्रिकेटरों का यह प्रदर्शन केवल तीन टीमों की मांग तक सीमित नहीं है। इसके पीछे खिलाड़ियों को अवसर और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व देने का मुद्दा भी जुड़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट प्लेयर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह ने PTI को बताया कि उत्तर प्रदेश की लगभग 25 करोड़ की आबादी को देखते हुए राज्य में तीन क्रिकेट संघ होने चाहिए और इसके साथ तीन रणजी टीमें भी होनी चाहिए। उनके अनुसार इसी मांग को लेकर करीब 250 Gen Z खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने इकाना स्टेडियम में प्रदर्शन किया। हालांकि 25 करोड़ की आबादी के आधार पर तीन रणजी टीमों की जरूरत का तर्क प्रदर्शनकारी संगठन का पक्ष है। इसे BCCI के किसी आधिकारिक नियम या निर्णय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Uttar Pradesh से अभी कितनी Ranji Trophy Teams खेलती हैं

वर्तमान में उत्तर प्रदेश से रणजी ट्रॉफी में एक ही टीम हिस्सा लेती है। BCCI के 2026 27 घरेलू सत्र के आधिकारिक Ready Reckoner में उत्तर प्रदेश को Ranji Trophy के Elite A में एक टीम के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। यही मौजूदा व्यवस्था Three Ranji Teams Uttar Pradesh की मांग का आधार बनी है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि राज्य में क्रिकेट प्रतिभा का दायरा बड़ा है जबकि रणजी टीम में खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध स्थान सीमित हैं। रणजी ट्रॉफी भारत की प्रमुख घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट प्रतियोगिता है। ऐसे में इसमें खेलने का अवसर खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट के उच्च स्तर पर खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है।

UP Three Ranji Teams Demand के पीछे क्या है तर्क

प्रदर्शनकारियों के अनुसार तीन टीमों का गठन होने पर अधिक खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेलने का अवसर मिल सकता है। उनका कहना है कि अलग अलग क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए ज्यादा अवसर मिलेंगे। इस मांग का एक अहम पहलू क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व भी है। 24 अगस्त के प्रदर्शन में पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों की भागीदारी रही। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इन क्षेत्रों के खिलाड़ियों को मौजूदा घरेलू क्रिकेट व्यवस्था में पर्याप्त अवसर और प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। इसलिए UP Cricket Protest को केवल रणजी टीमों की संख्या बढ़ाने की मांग के रूप में नहीं बल्कि खिलाड़ियों के अवसर और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व से जुड़ी मांग के रूप में भी देखा जा रहा है।

UP Cricket Protest में Uttar Pradesh T20 League का मुद्दा भी उठा

प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश की मौजूदा टी20 लीग में खिलाड़ियों के क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को लेकर भी सवाल उठाए। उत्तर प्रदेश क्रिकेट प्लेयर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह के अनुसार मौजूदा उत्तर प्रदेश टी20 लीग में करीब 150 खिलाड़ी छह टीमों का हिस्सा हैं। उनके दावे के मुताबिक इनमें केवल 16 खिलाड़ी पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश से हैं जबकि 89 खिलाड़ी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नौ जिलों से और आठ खिलाड़ी दिल्ली से हैं। हालांकि ये आंकड़े प्रदर्शनकारी संगठन की ओर से लगाए गए दावे हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित आधिकारिक आंकड़ों के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। इसीलिए इस मुद्दे को संगठन के आरोप के रूप में ही देखा जाना उचित है।

क्या एक राज्य से एक से अधिक रणजी टीमें हो सकती हैं

हाँ। भारतीय घरेलू क्रिकेट में ऐसे उदाहरण मौजूद हैं जहां एक ही राज्य से एक से अधिक रणजी टीमें खेलती हैं। सुप्रीम कोर्ट के 2018 के फैसले में दर्ज है कि महाराष्ट्र में महाराष्ट्र, मुंबई और विदर्भ तीन अलग क्रिकेट संघ हैं और ये अपनी अपनी रणजी ट्रॉफी टीमें उतारते हैं। इसी तरह गुजरात में गुजरात, बड़ौदा और सौराष्ट्र क्रिकेट संघों की अलग टीमें रही हैं। BCCI के संविधान में भी महाराष्ट्र के महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन, मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन और विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन तथा गुजरात के बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन, गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन और सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन को पूर्ण सदस्य संघों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। BCCI ने महाराष्ट्र और गुजरात को सामान्य व्यवस्था से अलग उदाहरण के रूप में भी बताया है। इन दोनों राज्यों में तीन मौजूदा पूर्ण सदस्य संघों के बीच BCCI की पूर्ण सदस्यता का प्रतिनिधित्व वार्षिक आधार पर घूमता है। इसलिए Three Teams From UP Ranji Trophy की मांग अपने आप में असंभव नहीं है। हालांकि महाराष्ट्र और गुजरात का उदाहरण ऐतिहासिक और प्रशासनिक परिस्थितियों से जुड़ा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि उत्तर प्रदेश को केवल मांग उठने के आधार पर स्वतः तीन रणजी टीमें मिल जाएंगी।

क्या उत्तर प्रदेश में तीन रणजी टीम बनाने का फैसला हो चुका है

नहीं। फिलहाल उत्तर प्रदेश से तीन रणजी टीमें बनाने का कोई आधिकारिक फैसला नहीं हुआ है। BCCI के 2026 27 घरेलू सत्र के आधिकारिक दस्तावेज में उत्तर प्रदेश की एक ही रणजी टीम दर्ज है। इसलिए Three Ranji Teams Uttar Pradesh को फिलहाल खिलाड़ियों और क्रिकेट संगठनों की मांग के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

क्या UPCA ने तीन रणजी टीमों की मांग स्वीकार कर ली है

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से तीन रणजी टीमों की मांग स्वीकार किए जाने की घोषणा का उल्लेख नहीं है। इसलिए UPCA के अंतिम रुख को लेकर कोई निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा। मौजूदा 2026 27 घरेलू सत्र में BCCI के आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार उत्तर प्रदेश की एक ही रणजी टीम है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल Three Ranji Teams Uttar Pradesh कोई स्वीकृत व्यवस्था नहीं बल्कि प्रदर्शनकारियों की मांग है।

तीन रणजी टीमें बनने से खिलाड़ियों को क्या फायदा हो सकता है

अगर भविष्य में उत्तर प्रदेश से तीन रणजी टीमों को मंजूरी मिलती है तो इसका संभावित फायदा खिलाड़ियों के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट के अवसर बढ़ने के रूप में हो सकता है। अधिक टीमों में अधिक खिलाड़ियों के चयन की संभावना बन सकती है। इससे अलग अलग क्षेत्रों के प्रतिभाशाली क्रिकेटरों को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में अपनी क्षमता दिखाने का अतिरिक्त अवसर मिल सकता है। पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश जैसे क्षेत्रों के खिलाड़ियों के लिए भी क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व बढ़ने की संभावना हो सकती है। हालांकि तीन टीमें बनने से कितने खिलाड़ियों को वास्तविक फायदा मिलेगा यह चयन प्रक्रिया, टीम संरचना और घरेलू क्रिकेट के प्रशासनिक ढांचे पर निर्भर करेगा। इसलिए इसे निश्चित परिणाम के बजाय संभावित लाभ के रूप में देखना अधिक सही होगा।

क्या उत्तर प्रदेश की आबादी तीन रणजी टीमों के लिए पर्याप्त आधार है

उत्तर प्रदेश देश का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और यहां क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों का बड़ा आधार मौजूद है। प्रदर्शनकारी संगठन भी राज्य की लगभग 25 करोड़ आबादी को तीन टीमों की मांग का प्रमुख आधार बता रहा है। हालांकि केवल आबादी के आधार पर किसी राज्य को अतिरिक्त रणजी टीम मिलना कोई स्वतः लागू होने वाला BCCI नियम नहीं है। महाराष्ट्र और गुजरात के उदाहरण बताते हैं कि एक राज्य में एक से अधिक क्रिकेट संघ और रणजी टीमें मौजूद हो सकती हैं लेकिन उन राज्यों की स्थिति ऐतिहासिक और प्रशासनिक परिस्थितियों से जुड़ी हुई है। इसलिए UP Cricket Team Demand को केवल आबादी के आधार पर नहीं बल्कि खिलाड़ियों के अवसर, क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और क्रिकेट प्रशासन की संरचना के व्यापक संदर्भ में देखना होगा।

सितंबर में बड़े आंदोलन की तैयारी

24 अगस्त के प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा आगे भी बढ़ने के संकेत दे रहा है। उत्तर प्रदेश क्रिकेट प्लेयर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह ने PTI को बताया कि उत्तर प्रदेश के क्रिकेटर सितंबर में तीन रणजी टीमों की मांग को लेकर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। संगठन ने राज्यभर के Gen Z क्रिकेटरों से इसमें बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील भी की है। अगर यह आंदोलन आगे बढ़ता है तो यह मुद्दा केवल Ranji Trophy Team Expansion तक सीमित नहीं रहेगा। इसके साथ उत्तर प्रदेश में खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व, घरेलू क्रिकेट के अवसर और क्षेत्रीय संतुलन पर भी बहस तेज हो सकती है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में तीन रणजी ट्रॉफी टीमों की मांग फिलहाल खिलाड़ियों और क्रिकेट संगठनों की मांग है, कोई स्वीकृत व्यवस्था नहीं। 24 अगस्त को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में हुए प्रदर्शन में करीब 250 Gen Z क्रिकेटरों और उनके अभिभावकों ने इस मांग को लेकर आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने राज्य की बड़ी आबादी, क्रिकेट प्रतिभा और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को इसके पीछे प्रमुख आधार बताया। मौजूदा समय में BCCI के 2026 27 घरेलू सत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश से एक ही रणजी टीम खेलती है। वहीं महाराष्ट्र और गुजरात के उदाहरण यह दिखाते हैं कि भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक राज्य से एक से अधिक रणजी टीमें होना संभव है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसी व्यवस्था लागू करने के लिए संबंधित क्रिकेट प्रशासन और BCCI की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। अब नजर इस बात पर होगी कि सितंबर में प्रस्तावित आंदोलन कितना बड़ा रूप लेता है और उत्तर प्रदेश के क्रिकेट प्रशासन की ओर से इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।

FAQ:

उत्तर प्रदेश के Gen Z क्रिकेटर तीन रणजी टीमों की मांग क्यों कर रहे हैं ?

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी और व्यापक क्रिकेट प्रतिभा को देखते हुए एक रणजी टीम खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर नहीं दे पा रही है। वे तीन टीमों के जरिए खिलाड़ियों को अधिक अवसर और बेहतर क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व देने की मांग कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश से अभी कितनी Ranji Trophy Teams खेलती हैं ?

2026 27 के BCCI घरेलू सत्र के अनुसार उत्तर प्रदेश से एक रणजी ट्रॉफी टीम खेलती है।

उत्तर प्रदेश से तीन रणजी टीमों की मांग किसने उठाई है ?

यह मांग उत्तर प्रदेश क्रिकेट प्लेयर्स एसोसिएशन और क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पूर्वांचल के तत्वावधान में प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों की ओर से उठाई गई है।

Gen Z क्रिकेटरों ने प्रदर्शन करने का फैसला क्यों लिया ?

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों को घरेलू क्रिकेट में पर्याप्त अवसर और प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है। इसी मुद्दे को लेकर 24 अगस्त को लखनऊ के इकाना स्टेडियम में प्रदर्शन किया गया।

उत्तर प्रदेश को तीन रणजी टीम मिलने से खिलाड़ियों को क्या फायदा हो सकता है ?

संभावित रूप से अधिक खिलाड़ियों को प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने का अवसर मिल सकता है। इससे अलग अलग क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए घरेलू क्रिकेट में अपनी क्षमता दिखाने के अवसर बढ़ सकते हैं। हालांकि वास्तविक लाभ टीमों की संरचना और चयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।

क्या उत्तर प्रदेश की आबादी और Talent Pool को देखते हुए तीन टीमों की मांग उचित है ?

यह बहस का विषय है। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि राज्य की बड़ी आबादी और प्रतिभा आधार को देखते हुए तीन टीमें होनी चाहिए। हालांकि केवल आबादी के आधार पर अतिरिक्त रणजी टीम मिलना कोई स्वतः लागू होने वाला नियम नहीं है।

UPCA का तीन रणजी टीमों की मांग पर क्या रुख है ?

उपलब्ध रिपोर्टों में UPCA की ओर से तीन रणजी टीमों की मांग स्वीकार किए जाने की घोषणा का उल्लेख नहीं है। इसलिए फिलहाल UPCA के अंतिम रुख को लेकर निश्चित दावा करना उचित नहीं होगा।

क्या एक राज्य से एक से अधिक Ranji Teams हो सकती हैं ?

हाँ। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के अनुसार महाराष्ट्र में महाराष्ट्र, मुंबई और विदर्भ तथा गुजरात में गुजरात, बड़ौदा और सौराष्ट्र क्रिकेट संघों की रणजी टीमें रही हैं। BCCI के संविधान में भी इन संघों को पूर्ण सदस्य संघों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। हालांकि उत्तर प्रदेश में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने के लिए संबंधित क्रिकेट प्रशासन और BCCI की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

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