Home / Sports / BCCI अधिकारियों ने बीच में ही छोड़ दी ACC की मीटिंग: एशिया कप ट्रॉफी से जुड़ा पूरा विवाद, काउंसिल के टेस्ट प्लेइंग मेंबर के सदस्य निकाल सकते है समाधान..
Sports

BCCI अधिकारियों ने बीच में ही छोड़ दी ACC की मीटिंग: एशिया कप ट्रॉफी से जुड़ा पूरा विवाद, काउंसिल के टेस्ट प्लेइंग मेंबर के सदस्य निकाल सकते है समाधान..

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराने के बाद भी ट्रॉफी और खिलाड़ियों के पदक समय पर नहीं मिलने पर विरोध जताया। इस कारण BCCI के प्रतिनिधि राजीव शुक्ला और आशीष शेलार मंगलवार को एशिय

BCCI अधिकारियों ने बीच में ही छोड़ दी ACC की मीटिंग: एशिया कप ट्रॉफी से जुड़ा पूरा विवाद, काउंसिल के टेस्ट प्लेइंग मेंबर के सदस्य निकाल सकते है समाधान..

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान को हराने के बाद भी ट्रॉफी और खिलाड़ियों के पदक समय पर नहीं मिलने पर विरोध जताया। इस कारण BCCI के प्रतिनिधि राजीव शुक्ला और आशीष शेलार मंगलवार को एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) की ऑनलाइन बैठक से बीच में ही उठकर चले गए।

 

BCCI के एक अधिकारी ने बताया,

शेलार ने ACC सदस्यों को बताया कि BCCI सचिव देवजीत साकिया पहले ही ACC को इस बारे में लिख चुके हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं आया है. BCCI चाहता है कि ट्रॉफी और पदक दुबई स्थित ACC कार्यालय में पहुंचा दिए जाएं, जहां से BCCI उन्हें रिसीव कर लेगा. हालांकि, शेलार को इसके लिए कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली. इसलिए शेलार और शुक्ला ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए बैठक से हटने का फैसला किया.

आगे उन्होंने यह भी बताया कि नकवी ने अपने उद्घाटन भाषण में भारतीय अधिकारियों को भारतीय टीम के खिताब जीतने पर बधाई तक नहीं दी।

BCCI officials left the ACC meeting midway

मीटिंग बीच में छोड़ने का मुख्य वजह:

मीटिंग बीच में छोड़ने का मुख्य कारण यह था कि BCCI के अधिकारी भारत को एशिया कप ट्रॉफी और खिलाड़ियों के पदक कब मिलेंगे, इस बारे में कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं पा सके। भारतीय अधिकारियों ने ACC अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) प्रमुख मोहसिन नकवी से पूछताछ की, लेकिन उन्हें कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

 

2022 में ACC अध्यक्ष ने नहीं दी थी विजेता ट्रॉफी:

नकवी को लगा कि ACC के अध्यक्ष के रूप में केवल वही ट्रॉफी दे सकते हैं। लेकिन BCCI ने उन्हें बताया कि ऐसा कोई नियम नहीं है। उन्हें याद दिलाया गया कि 2022 में श्रीलंका के अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने ही अपनी टीम को ट्रॉफी दी थी, न कि उस समय के ACC अध्यक्ष जय शाह ने। BCCI ने यह भी साफ किया कि वे  नकवी से ट्रॉफी नहीं लेंगे, खासकर उनके हालिया भारत विरोधी सोशल मीडिया पोस्ट के कारण। बैठक में किसी देश ने नकवी के कदम का समर्थन नहीं किया, जबकि मलेशिया, इंडोनेशिया और श्रीलंका ने भारत के रुख का समर्थन किया।

 

अब टेस्ट प्लेइंग मेंबर के सदस्य निकालेंगे समाधान:

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार, ACC के प्रमुख मेंबर्स के साथ भारत के राजीव शुक्ला और आशीष शेलार भी मौजूद रहे। दोनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मीटिंग में जुड़े। मीटिंग में ये फैसला लिया गया कि काउंसिल के टेस्ट प्लेइंग मेंबर भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान के सदस्य ट्रॉफी के विवाद का समाधान निकालने के लिए बैठक करेंगे।

इससे पहले, 29 सितंबर को BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था कि वह इस मामले को नवंबर में होने वाली ICC मीटिंग में रखेंगे।

 

एशिया कप ट्रॉफी को लेकर कैसा विवाद?

28 सितंबर को भारत ने पाकिस्तान को एशिया कप 2025 के फाइनल में हराकर ट्रॉफी जीती। यह तीसरी बार था जब भारत ने उसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान को हराया। लेकिन जीत के बाद मैदान पर विवाद खड़ा हो गया। भारतीय टीम ने ट्रॉफी लेने से इनकार किया, क्योंकि वे पाकिस्तान के गृहमंत्री और ACC प्रमुख मोहसिन नकवी के हाथों से इसे नहीं लेना चाहते थे।

इसी मुद्दे को लेकर मैदान पर घंटों ड्रामा चलता रहा। मोहसिन नकवी ट्रॉफी किसी और के हाथों सौंपने के पक्ष में नहीं थे। अंततः ट्रॉफी को मैदान से बाहर ले जाया गया और भारतीय टीम ने बिना ट्रॉफी के ही मैदान में जश्न मनाया।

 

भारतीय कप्तान ने क्या कहा?

भारतीय कप्तान सुर्यकुमार यादव ने फिर मीडिया से बातचीत में बताया कि खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम के अंदर नहीं गए और बाहर खड़े रहे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी लगभग एक घंटे तक ट्रॉफी लेने के लिए इंतजार करते रहे। सुर्यकुमार ने कहा, 'हमने दरवाजा बंद नहीं किया और अंदर नहीं बैठे। हमने किसी को प्रेजेंटेशन के लिए इंतजार नहीं कराया। ट्रॉफी लेकर भाग गए नकवी। मैंने यही देखा। कुछ लोग वीडियो बना रहे थे, लेकिन हम वहीं खड़े थे। हम अंदर नहीं गए।

 

ACC/ICC का चेयरमैन टेंपररी होता है, कोई मालिक नहीं: कीर्ति आजाद

कीर्ति आजाद ने कहा कि BCCI और ICC ने इस विवाद पर कोई ठोस कदम नहीं लिया और इसे आराम से चलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई ट्रॉफी लेकर भाग कैसे सकता है और इसे मैदान पर ही ले लेना चाहिए था। कीर्ति आजाद ने नकवी के ट्रॉफी लेकर भागने के बहाने को खारिज किया और कहा कि ACC या ICC का चेयरमैन केवल अस्थायी होता है, कोई इसका मालिक नहीं होता।

 

नकवी ने ट्रॉफी न देने का क्या कारण बताया?

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने ACC और PCB प्रमुख मोहसिन नकवी से पूछा कि विजेता टीम को ट्रॉफी क्यों नहीं दी गई। यह ACC की ट्रॉफी है, इसे औपचारिक तरीके से विजेता टीम को सौंपा जाना चाहिए था। इसपर मोहसिन नकवी ने कहा कि उन्हें लिखित में कहीं से यह सूचना नहीं दी गई थी कि भारतीय टीम मुझसे ट्रॉफी नहीं लेगी। मैं तो वहां बिना वजह एक कार्टून की तरह खड़ा था।

 

पहलगाम आतंकी हमले के बाद खराब हुए संबंध:

पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध और खराब हो गए हैं। इस हमले में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने 26 भारतीय पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद भारत ने सीमा पार आतंकी ढांचे को ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के तहत सैन्य कार्रवाई की थी।

 

निष्कर्ष:

एशिया कप 2025 में पाकिस्तान को हराने के बावजूद ट्रॉफी और पदक समय पर न मिलने पर BCCI ने कड़ा विरोध किया। आशीष शेलार और राजीव शुक्ला ने अपनी नाराजगी जताते हुए ACC की ऑनलाइन बैठक से वॉकआउट किया। यह घटना BCCI की ट्रॉफी और पदकों की सही समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने और अपने अधिकारों की रक्षा करने की गंभीरता को स्पष्ट रूप से दिखाती है।

Was this article useful?

Comments 0

Comments are currently closed for this article.
No comments yet. Be the first to join the conversation.