अमेरिका में Senate Hearing के दौरान पूर्व शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एंथनी फाउची (Anthony Fauci) ने COVID-19 महामारी की उत्पत्ति और उससे निपटने के सरकारी फैसलों से जुड़े 100 से अधिक सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। रिपब्लिकन सांसदों के नेतृत्व वाली सीनेट समिति के सामने फाउची ने बार-बार अमेरिकी संविधान के Fifth Amendment का सहारा लिया, जो किसी व्यक्ति को स्वयं के खिलाफ आपराधिक साक्ष्य देने के लिए मजबूर किए जाने से सुरक्षा प्रदान करता है। इस सुनवाई ने महामारी की उत्पत्ति, चीन के वुहान में हुए शोध, अमेरिकी सरकारी फंडिंग और फाउची की भूमिका को लेकर वर्षों से चल रही राजनीतिक बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।
रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल (Rand Paul) का आरोप है कि फाउची ने कांग्रेस को गुमराह किया और अमेरिकी धन से चीन में हुए शोध को लेकर सही जानकारी नहीं दी। दूसरी ओर फाउची इन सभी आरोपों को लगातार खारिज करते रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन जनवरी 2025 में फाउची को पहले ही एक व्यापक राष्ट्रपति क्षमादान (Presidential Pardon) दे चुके हैं, लेकिन रिपब्लिकन नेताओं का कहना है कि यह क्षमादान केवल पुराने मामलों पर लागू होता है और सुनवाई के दौरान यदि उन्होंने झूठ बोला तो नए अपराधों पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।

करीब चार दशक तक अमेरिका की स्वास्थ्य नीति का सबसे बड़ा चेहरा रहे फाउची
डॉ. एंथनी फाउची 85 वर्षीय चिकित्सक और इम्यूनोलॉजिस्ट हैं। उन्होंने लगभग 38 वर्षों तक National Institute of Allergy and Infectious Diseases (NIAID) का नेतृत्व किया और इस दौरान रिपब्लिकन तथा डेमोक्रेट – दोनों दलों के कुल सात अमेरिकी राष्ट्रपतियों को स्वास्थ्य मामलों पर सलाह दी।
उनकी पहचान केवल COVID-19 तक सीमित नहीं रही। HIV/AIDS, इबोला, एंथ्रेक्स हमलों और कई दूसरी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के दौरान भी वे अमेरिका की रणनीति तैयार करने वाले प्रमुख वैज्ञानिकों में शामिल रहे। COVID-19 महामारी के दौरान वे व्हाइट हाउस के सबसे प्रमुख वैज्ञानिक चेहरों में बदल गए और लगभग रोजाना प्रेस ब्रीफिंग में दिखाई देते थे।
बाद में राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उन्हें अपना Chief Medical Adviser भी नियुक्त किया। वर्ष 2022 में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने तक वे महामारी प्रबंधन की नीतियों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।

महामारी के दौरान बने राजनीतिक विवादों का केंद्र
COVID-19 महामारी के समय फाउची ने मास्क पहनने, वैक्सीन लगाने, सामाजिक दूरी बनाए रखने और स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद करने जैसी कई सिफारिशों का समर्थन किया था। इन्हीं नीतियों के कारण वे अमेरिकी राजनीति में सबसे विवादित वैज्ञानिकों में से एक बन गए।
रिपब्लिकन नेताओं और कई रूढ़िवादी समूहों ने उन पर आरोप लगाया कि उन्होंने महामारी के खतरे को लेकर जनता को भ्रमित किया और कई फैसले वैज्ञानिक तथ्यों से अधिक राजनीतिक दबाव में लिए गए। दूसरी ओर वैज्ञानिक समुदाय के बड़े हिस्से ने उनका बचाव करते हुए कहा कि महामारी जैसी नई स्थिति में उपलब्ध वैज्ञानिक जानकारी लगातार बदल रही थी और उसी के आधार पर सलाह भी बदलती रही।
इसी अवधि में फाउची ने अपने कामकाज का विस्तृत रिकॉर्ड भी तैयार किया। उन्होंने 2019 से 2022 के बीच महामारी के दौरान 1,100 से अधिक पन्नों की टाइप की हुई डायरी लिखी, जिसमें व्हाइट हाउस अधिकारियों, वैज्ञानिकों, मीडिया और दूसरे सरकारी विभागों के साथ हुई बैठकों और चर्चाओं का उल्लेख है। यही दस्तावेज अब सीनेट जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं।
रिपब्लिकन समिति ने कई मुद्दों पर शुरू की पड़ताल
सीनेट की Homeland Security and Governmental Affairs Committee ने फाउची को समन (Subpoena) जारी कर गवाही के लिए बुलाया। समिति की अध्यक्षता रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल कर रहे हैं, जो पिछले कई वर्षों से COVID-19 की उत्पत्ति और अमेरिकी सरकारी एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाते रहे हैं।

इस सुनवाई में सबसे अधिक ध्यान महामारी की शुरुआत, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में हुए शोध, अमेरिकी सरकारी फंडिंग, कांग्रेस के सामने दिए गए पुराने बयानों और महामारी के दौरान लिए गए प्रशासनिक फैसलों पर केंद्रित रहा।
रैंड पॉल का दावा है कि फाउची ने पहले भी कांग्रेस को गलत जानकारी दी थी और अब उनके निजी दस्तावेज तथा सरकारी रिकॉर्ड कई नए सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं फाउची का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं।
वुहान लैब और अमेरिकी फंडिंग फिर चर्चा में
सुनवाई का सबसे संवेदनशील मुद्दा COVID-19 की उत्पत्ति रहा। रैंड पॉल लंबे समय से यह दावा करते रहे हैं कि महामारी फैलाने वाला वायरस चीन के Wuhan Institute of Virology से किसी लैब दुर्घटना के कारण बाहर निकला हो सकता है।

उनका आरोप है कि अमेरिका के National Institutes of Health (NIH) की ओर से ऐसे शोध को आर्थिक सहायता दी गई, जिसमें वायरस की क्षमताओं का अध्ययन किया जा रहा था। इसी संदर्भ में Gain-of-Function Research शब्द सबसे अधिक चर्चा में रहा।
Gain-of-Function Research का मतलब ऐसे वैज्ञानिक प्रयोगों से है जिनमें वायरस या दूसरे रोगजनकों के गुणों में बदलाव कर यह समझने की कोशिश की जाती है कि वे भविष्य में कैसे विकसित हो सकते हैं, कितने संक्रामक बन सकते हैं या महामारी का खतरा कितना बढ़ा सकते हैं। समर्थकों का कहना है कि ऐसे शोध भविष्य की महामारी से निपटने की तैयारी में मदद करते हैं, जबकि आलोचकों का मानना है कि यदि सुरक्षा में चूक हो जाए तो यही प्रयोग बड़े खतरे का कारण बन सकते हैं।
फाउची लगातार यह कहते रहे हैं कि NIH ने ऐसा कोई शोध वित्तपोषित नहीं किया जिससे COVID-19 महामारी पैदा हुई हो। उनके अनुसार उपलब्ध वैज्ञानिक प्रमाण यह साबित नहीं करते कि अमेरिकी फंडिंग महामारी का कारण बनी।
डायरी के 1,100 पन्नों ने बढ़ाया विवाद
सुनवाई से पहले रैंड पॉल ने फाउची की लगभग 1,100 पन्नों की टाइप की हुई डायरी सार्वजनिक की। अमेरिकी स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर (Robert F. Kennedy Jr.) का कहना है कि ये दस्तावेज सरकारी रिकॉर्ड हैं क्योंकि इन्हें एक संघीय कर्मचारी ने सरकारी कंप्यूटर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल के दौरान तैयार किया था और ये सरकारी परिसर से प्राप्त हुए।
रैंड पॉल का दावा है कि डायरी में दर्ज निजी चर्चाओं और फाउची के सार्वजनिक बयानों के बीच कई अंतर दिखाई देते हैं। हालांकि फाउची के समर्थकों का कहना है कि महामारी के शुरुआती महीनों में वैज्ञानिकों के पास सीमित जानकारी थी और जैसे-जैसे नए तथ्य सामने आए, वैज्ञानिक राय भी बदलती गई। इसलिए शुरुआती चर्चाओं और बाद के सार्वजनिक बयानों में अंतर होना स्वाभाविक था।
तीन घंटे चली सुनवाई में सबसे बड़ा मोड़
करीब तीन घंटे चली सुनवाई की शुरुआत में फाउची ने एक संक्षिप्त प्रारंभिक बयान दिया। इसके बाद जब रैंड पॉल और समिति के दूसरे सदस्यों ने उनसे सवाल पूछने शुरू किए तो उन्होंने लगभग हर प्रश्न पर Fifth Amendment का हवाला देते हुए जवाब देने से इनकार कर दिया।

रिपोर्टों के अनुसार फाउची ने 100 से अधिक सवालों का उत्तर नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रैंड पॉल का उद्देश्य संसदीय निगरानी करना नहीं बल्कि उनके खिलाफ आपराधिक मामला तैयार करना है।
यहीं से यह सुनवाई केवल महामारी की जांच तक सीमित नहीं रही, बल्कि अमेरिकी राजनीति, संवैधानिक अधिकारों और संभावित कानूनी कार्रवाई की बहस में बदल गई।
Fifth Amendment ने सुनवाई को बनाया कानूनी लड़ाई का केंद्र
पूरी Senate Hearing के दौरान सबसे अधिक चर्चा अमेरिकी संविधान के Fifth Amendment की हुई। फाउची ने अपने वकीलों की सलाह पर इसी संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करते हुए लगभग हर सवाल का जवाब देने से इनकार किया।
अमेरिकी संविधान का Fifth Amendment किसी भी व्यक्ति को यह अधिकार देता है कि उसे ऐसा बयान देने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिससे भविष्य में उसके खिलाफ आपराधिक मामला बन सके। इसलिए यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि उसके जवाब से कानूनी जोखिम पैदा हो सकता है, तो वह गवाही देने से इनकार कर सकता है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि Fifth Amendment का इस्तेमाल करना अमेरिकी कानून में किसी अपराध को स्वीकार करना नहीं माना जाता। यह केवल एक संवैधानिक सुरक्षा है, जिसका उपयोग अदालतों और संसदीय जांच दोनों में किया जा सकता है।
फाउची का कहना था कि उन्हें आशंका है कि रैंड पॉल और समिति उनके जवाबों का इस्तेमाल भविष्य में आपराधिक मुकदमा तैयार करने के लिए कर सकती है। इसी कारण उन्होंने लगभग पूरी सुनवाई के दौरान चुप्पी बनाए रखी।
जो बाइडेन का क्षमादान बना नई कानूनी बहस का कारण
रिपब्लिकन सांसदों की दलील है कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 19 जनवरी 2025 को फाउची को जो पूर्ण और बिना शर्त राष्ट्रपति क्षमादान (Full and Unconditional Presidential Pardon) दिया था, वह केवल जनवरी 2025 से पहले के संभावित संघीय अपराधों पर लागू होता है।
इसका अर्थ यह है कि यदि फाउची ने सीनेट की मौजूदा सुनवाई में शपथ के तहत कोई झूठा बयान दिया होता, तो उस पर Perjury (झूठी गवाही) जैसे नए आरोप लग सकते थे। इसी वजह से फाउची के वकीलों ने उन्हें किसी भी प्रश्न का उत्तर न देने की सलाह दी।
दूसरी ओर रैंड पॉल का तर्क है कि जब फाउची को पुराने मामलों में पहले ही क्षमादान मिल चुका है, तब वे उन्हीं घटनाओं के बारे में Fifth Amendment का सहारा नहीं ले सकते। हालांकि उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि यह एक नया संवैधानिक प्रश्न है, जिस पर अंतिम फैसला अदालतों को करना पड़ सकता है।
वकील को बाहर निकालने से और बढ़ गया विवाद
सुनवाई के दौरान एक और घटनाक्रम ने माहौल को और तनावपूर्ण बना दिया। जब फाउची के वकील डेविड शर्टलर (David Schertler) बिना समिति की अनुमति के बोलने लगे तो रैंड पॉल ने कैपिटल पुलिस को उन्हें सुनवाई कक्ष से बाहर ले जाने का निर्देश दिया।
रैंड पॉल ने कहा कि यह सुनवाई फाउची की गवाही के लिए है, न कि उनके वकीलों की दलीलें सुनने के लिए।
बाद में शर्टलर ने पूरे घटनाक्रम को “व्यक्तिगत बदले की भावना से प्रेरित अभियान” बताया और आरोप लगाया कि समिति पहले से तय निष्कर्ष को साबित करने की कोशिश कर रही है।
डेमोक्रेट सांसदों ने सुनवाई को बताया राजनीतिक अभियान
जहां रिपब्लिकन सांसद फाउची से जवाब मांग रहे थे, वहीं डेमोक्रेट सदस्यों ने पूरी कार्यवाही को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
डेमोक्रेट सीनेटर गैरी पीटर्स (Gary Peters) ने कहा कि यह सुनवाई निष्पक्ष संसदीय निगरानी नहीं बल्कि पहले से तय राजनीतिक निष्कर्ष को सही साबित करने का प्रयास है।

उनका कहना था कि महामारी जैसी अभूतपूर्व स्थिति में वैज्ञानिकों को लगातार बदलती जानकारी के आधार पर फैसले लेने पड़े थे और बाद में उन्हीं निर्णयों को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
डेमोक्रेट सांसदों ने यह भी कहा कि वैज्ञानिकों पर इस तरह का दबाव भविष्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों से निपटने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
COVID-19 की उत्पत्ति पर वैज्ञानिक समुदाय अब भी पूरी तरह एकमत नहीं
सुनवाई का सबसे विवादित विषय COVID-19 की उत्पत्ति रहा। वैज्ञानिक समुदाय का बड़ा हिस्सा अब भी मानता है कि वायरस संभवतः जानवरों से इंसानों में फैला, जिसे Zoonotic Spillover कहा जाता है। कई शोधों में चीन के वुहान सीफूड और वाइल्डलाइफ मार्केट को शुरुआती संक्रमण का सबसे संभावित केंद्र बताया गया है।
हालांकि महामारी के शुरुआती महीनों में वैज्ञानिकों के बीच अलग-अलग राय मौजूद थी।
फाउची की डायरी के अनुसार जनवरी 2020 में हुई एक कॉन्फ्रेंस कॉल में 11 प्रमुख वायरोलॉजिस्ट और विकासवादी जीवविज्ञानी शामिल हुए थे। उस समय केवल दो वैज्ञानिक वायरस की प्राकृतिक उत्पत्ति को लेकर पूरी तरह आश्वस्त थे, जबकि बाकी विशेषज्ञ इस संभावना पर भी चर्चा कर रहे थे कि कहीं वायरस कृत्रिम रूप से विकसित तो नहीं किया गया।
बाद के वर्षों में अधिकांश वैज्ञानिक प्राकृतिक उत्पत्ति के पक्ष में पहुंचे, लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेंसियों में अब भी पूरी सहमति नहीं बन सकी है।
अमेरिकी एजेंसियों की राय भी अलग-अलग
COVID-19 की उत्पत्ति पर अमेरिकी सरकारी एजेंसियों की राय एक जैसी नहीं है।
FBI ने वर्ष 2023 में कहा था कि उपलब्ध जानकारी के आधार पर लैब से जुड़ी घटना महामारी का सबसे संभावित कारण हो सकती है।
इसके बाद CIA ने 2025 में भी लैब संबंधी संभावना को सबसे संभावित माना, लेकिन अपने निष्कर्ष को Low Confidence यानी सीमित भरोसे वाला आकलन बताया।
दूसरी ओर कई अन्य अमेरिकी एजेंसियां और National Intelligence Council अब भी प्राकृतिक उत्पत्ति की संभावना का समर्थन करती हैं या फिर किसी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं।
यही कारण है कि COVID-19 की उत्पत्ति का प्रश्न वैज्ञानिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर अब भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।
क्या फाउची के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
रैंड पॉल ने सुनवाई के दौरान घोषणा की कि समिति अगले सप्ताह इस बात पर मतदान करेगी कि फाउची को Contempt of Congress यानी कांग्रेस की अवमानना का दोषी माना जाए या नहीं।
यदि समिति ऐसा प्रस्ताव पारित करती है, तो मामला अमेरिकी न्याय विभाग को भेजा जा सकता है। इसके अलावा संघीय अदालत में दीवानी कार्रवाई या बहुत दुर्लभ स्थिति में सीनेट अपने विशेष अधिकारों का उपयोग भी कर सकती है।
हालांकि किसी व्यक्ति को कांग्रेस की अवमानना का दोषी ठहराए जाने का अर्थ यह नहीं होता कि उस पर स्वतः आपराधिक मुकदमा दर्ज हो जाएगा।
आगे की कानूनी कार्रवाई कई संवैधानिक और राजनीतिक प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
अमेरिकी राजनीति में फिर बना फाउची बड़ा मुद्दा
COVID-19 महामारी खत्म होने के कई वर्ष बाद भी फाउची अमेरिकी राजनीति में सबसे विवादित सार्वजनिक अधिकारियों में बने हुए हैं।
रिपब्लिकन नेता महामारी के दौरान लिए गए फैसलों की जवाबदेही तय करना चाहते हैं, जबकि डेमोक्रेट नेताओं का कहना है कि वैज्ञानिकों को राजनीतिक निशाना बनाया जा रहा है।
इसी कारण यह सुनवाई केवल फाउची या COVID-19 तक सीमित नहीं रही बल्कि यह अमेरिका में सार्वजनिक स्वास्थ्य, वैज्ञानिक स्वतंत्रता, संसदीय निगरानी और संवैधानिक अधिकारों के बीच संतुलन की बड़ी बहस में बदल गई है।
FAQs
1. एंथनी फाउची ने सीनेट में गवाही देने से इनकार क्यों किया?
फाउची ने अपने वकीलों की सलाह पर अमेरिकी संविधान के Fifth Amendment का इस्तेमाल किया। उनका कहना था कि उनके जवाब भविष्य में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई का आधार बन सकते हैं।
2. अमेरिकी संविधान का Fifth Amendment क्या है?
यह संविधान का ऐसा प्रावधान है जो किसी भी व्यक्ति को स्वयं के खिलाफ आपराधिक साक्ष्य देने के लिए मजबूर किए जाने से सुरक्षा देता है। इसका इस्तेमाल करना अपराध स्वीकार करना नहीं माना जाता।
3. COVID-19 प्रतिक्रिया पर सीनेट सुनवाई क्यों हो रही है?
रिपब्लिकन सांसद महामारी की उत्पत्ति, वुहान लैब, अमेरिकी सरकारी फंडिंग, NIH की भूमिका और फाउची के पुराने बयानों की जांच कर रहे हैं।
4. क्या फाउची के खिलाफ कोई जांच चल रही है?
हाँ। सीनेट समिति उनकी गवाही, COVID-19 महामारी से जुड़े निर्णयों और कांग्रेस के सामने दिए गए पुराने बयानों की जांच कर रही है। समिति उनके खिलाफ Contempt of Congress प्रस्ताव पर भी विचार कर सकती है।
5. Fifth Amendment का उपयोग करने का क्या अर्थ है?
इसका अर्थ यह है कि व्यक्ति ऐसे सवालों का जवाब देने से इनकार कर सकता है जिनसे उसके खिलाफ आपराधिक मामला बन सकता हो। अमेरिकी कानून के अनुसार केवल Fifth Amendment का इस्तेमाल करना किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं माना जाता।

