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11 Airports PPP Model 2026 - Varanasi से Amritsar तक 11 एयरपोर्ट होंगे Private? जानें सरकार का पूरा प्लान

सरकार 11 AAI एयरपोर्ट्स को पांच बंडल में रखकर PPP मॉडल के तहत निजी ऑपरेटरों को सौंपने की तैयारी कर रही है। Varanasi, Amritsar, Tirupati समेत इन एयरपोर्ट्स की 50 साल की रियायत प्रस्तावित है। छोटे एयरपोर्ट्स को बड़े एयरपोर्ट्स की कमाई से सहारा देने की योजना है।

11 Airports PPP Model 2026 - Varanasi से Amritsar तक 11 एयरपोर्ट होंगे Private? जानें सरकार का पूरा प्लान

देश के एयरपोर्ट सेक्टर में सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। 11 Airports PPP Model 2026 के तहत भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के 11 एयरपोर्ट्स को पांच अलग-अलग बंडल में रखकर निजी कंपनियों को 50 साल की रियायत पर देने की योजना है। खास बात यह है कि बड़े और ज्यादा कमाई वाले एयरपोर्ट्स को छोटे एयरपोर्ट्स के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की जा सके।

11 Airports PPP Model 2026 में कौन-कौन से एयरपोर्ट शामिल हैं?

सरकार ने 11 एयरपोर्ट्स को पांच बंडल में बांटने का प्रस्ताव रखा है। हर बंडल में एक बड़े एयरपोर्ट को एक या अधिक छोटे एयरपोर्ट्स के साथ जोड़ा गया है। प्रस्तावित बंडल इस प्रकार हैं: अमृतसर - कांगड़ा-गग्गलवाराणसी- गया- कुशीनगरभुवनेश्वर - हुबलीरायपुर - औरंगाबादतिरुचिरापल्ली - तिरुपतिइनमें अमृतसर, वाराणसी, भुवनेश्वर, रायपुर और तिरुचिरापल्ली को अपेक्षाकृत बड़े या प्रमुख एयरपोर्ट के तौर पर बंडल का आधार बनाया गया है।

सरकार क्यों अपना रही है Bundling Strategy?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और कम व्यावसायिक क्षमता वाले एयरपोर्ट्स को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है। सरकार बड़े एयरपोर्ट्स से होने वाली कमाई को छोटे एयरपोर्ट्स के संचालन और विकास में इस्तेमाल करने की व्यवस्था बनाना चाहती है। यानी किसी एक एयरपोर्ट को अलग से निजी कंपनी को देने के बजाय Airport Bundling India मॉडल में एक साथ कई एयरपोर्ट्स का संचालन सौंपा जाएगा। इससे निजी ऑपरेटर को बड़े एयरपोर्ट से होने वाले राजस्व के जरिए छोटे एयरपोर्ट्स पर निवेश करने में मदद मिल सकती है।  इस प्रस्ताव को PPPAC ( Public Private Partnership Appraisal Committee ) ने 4 अगस्त 2026 की बैठक में सैद्धांतिक मंजूरी दी है। हालांकि, यह अंतिम मंजूरी नहीं है और आगे की प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है।

11 Airports Private Players को कितने साल के लिए मिलेंगे?

प्रस्ताव के तहत इन 11 एयरपोर्ट्स को 50 साल की concession period के लिए निजी ऑपरेटरों को देने की योजना है। निजी concessionaire एयरपोर्ट्स के संचालन, प्रबंधन और विकास की जिम्मेदारी संभालेगा। इसमें यात्री टर्मिनल और एयरपोर्ट से जुड़ा city-side infrastructure भी शामिल होगा। प्रस्तावित व्यवस्था में निजी कंपनियों से कुल करीब Rs.8,622 करोड़ के निवेश की उम्मीद है।  हालांकि, एयरपोर्ट की संपत्ति का मालिकाना हक निजी कंपनी को बेचने के बजाय यह व्यवस्था लंबी अवधि की PPP concession के रूप में होगी।

AAI (Airports Authority of India) की क्या भूमिका रहेगी?

निजी ऑपरेटरों को एयरपोर्ट का संचालन सौंपे जाने के बावजूद AAI की कुछ महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां जारी रहेंगी। इनमें Air Traffic Control (ATC) और Communication, Navigation तथा Surveillance सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा AAI की सहायक कंपनी AAICLAS (Allied Services Company Ltd ) एयरपोर्ट्स पर cargo operations संभालती रहेगी। कर्मचारियों को लेकर भी प्रस्ताव में व्यवस्था है। एयरपोर्ट के निजी हाथों में जाने के बाद करीब एक साल का joint management period प्रस्तावित है। इसके बाद concessionaire को AAI के 60 फीसदी कर्मचारियों को तीन साल तक बनाए रखना होगा।

PPP Airport Model India में एक कंपनी को कितने Airport मिलेंगे?

सरकार ने एयरपोर्ट सेक्टर में किसी एक निजी कंपनी के अत्यधिक प्रभाव को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था प्रस्तावित की है। नियमों के तहत किसी एक bidder को मिलने वाले airport bundles की संख्या पर सीमा तय की जाएगी। इसका उद्देश्य market concentration, over-leveraging और किसी एक ऑपरेटर पर अत्यधिक निर्भरता से जुड़े जोखिमों को कम करना है। सीमा की अंतिम रूपरेखा अभी तैयार की जा रही है।  वित्त मंत्रालय ने भी विमानन क्षेत्र में बढ़ती market concentration को लेकर चिंता जताई थी। इसलिए सरकार इस बार निजीकरण के साथ competition safeguards पर भी जोर दे रही है।

आगे क्या होगा?

अभी 11 एयरपोर्ट्स को निजी कंपनियों को सौंपने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। PPPAC की सैद्धांतिक मंजूरी के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय infrastructure कंपनियों और संभावित bidders के बीच market-sounding exercise करेगा। इससे यह समझने की कोशिश होगी कि निजी कंपनियां प्रस्तावित bundling arrangement में कितनी रुचि रखती हैं। निजी ऑपरेटरों से मिलने वाले feedback के आधार पर प्रस्ताव में बदलाव भी किया जा सकता है। इसके बाद अंतिम PPPAC मंजूरी और आगे की bidding प्रक्रिया होगी।

निष्कर्ष

11 Airports PPP Model 2026 भारत के एयरपोर्ट सेक्टर में निजी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। Varanasi, Amritsar और Tirupati जैसे एयरपोर्ट्स को छोटे एयरपोर्ट्स के साथ जोड़कर सरकार cross-subsidisation के जरिए क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना चाहती है। हालांकि, अंतिम मंजूरी और bidding प्रक्रिया अभी बाकी है।

सरकार 11 एयरपोर्ट्स को Private Companies को क्यों सौंपने की योजना बना रही है?

सरकार का उद्देश्य एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश बढ़ाने और छोटे, कम व्यावसायिक रूप से सक्षम एयरपोर्ट्स को बड़े एयरपोर्ट्स की कमाई के जरिए आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना है।

Govt Plan To Award 11 Airports में कौन-कौन से एयरपोर्ट शामिल हैं?

इसमें अमृतसर, कांगड़ा-गग्गल, वाराणसी, गया, कुशीनगर, भुवनेश्वर, हुबली, रायपुर, औरंगाबाद, तिरुचिरापल्ली और तिरुपति एयरपोर्ट शामिल हैं।

क्या Varanasi Airport और Gaya Airport भी Private Operators को दिए जाएंगे?

हां। प्रस्ताव के तहत वाराणसी, गया और कुशीनगर को एक ही बंडल में रखा गया है और इसे एक निजी concessionaire को दिए जाने की योजना है।

11 Airports को किस मॉडल के तहत Private Companies को दिया जाएगा?

इन एयरपोर्ट्स को Public-Private Partnership (PPP) Model के तहत लंबी अवधि की concession पर निजी ऑपरेटरों को देने का प्रस्ताव है।

इन Airports को कितने वर्षों के लिए Lease पर दिया जाएगा?

प्रस्ताव के अनुसार concession की अवधि 50 वर्ष होगी।

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