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Manipur NH2 Free Movement Kukis Nagas : मणिपुर CM ने NH-2 पर आवाजाही बहाल रखने के लिए नागा-कुकी समुदायों का जताया आभार - जानिए तीन साल से क्यों रुका था NH-2 का सफर?

मणिपुर में करीब तीन साल बाद NH-2 पर सार्वजनिक परिवहन फिर शुरू हुआ है। इम्फाल-दिमापुर-गुवाहाटी बस सेवा बहाल होने में कुकी और नागा समुदायों के सहयोग की अहम भूमिका रही। CM युमनाम खेमचंद सिंह ने दोनों समुदायों का आभार जताया।

Manipur NH2 Free Movement Kukis Nagas : मणिपुर CM ने NH-2 पर आवाजाही बहाल रखने के लिए नागा-कुकी समुदायों का जताया आभार - जानिए तीन साल से क्यों रुका था NH-2 का सफर?

Manipur NH2 Free Movement Kukis Nagas : मणिपुर में करीब तीन साल से बंद पड़ी नेशनल हाईवे-2 (NH-2) पर सार्वजनिक परिवहन फिर से शुरू हो गया है। 21 अगस्त 2026 से इम्फाल-दिमापुर-गुवाहाटी के बीच बस और यात्री वाहन चलने लगे हैं। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 25 अगस्त को कुकी और नागा समुदायों को सुरक्षित और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने में सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। सरकार के मुताबिक, यह कदम राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने और अलग-अलग समुदायों के बीच भरोसा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

तीन साल से क्यों रुका था NH-2 का सफर?

नेशनल हाईवे-2 मणिपुर के लिए बेहद अहम सड़क मार्ग है। यह इम्फाल से कांगपोकपी और सेनापति होते हुए नागालैंड के दीमापुर तक जाता है और आगे गुवाहाटी से जुड़ता है। मणिपुर में 3 मई 2023 को मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू होने के बाद इस रास्ते पर लोगों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई थी। अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा को लेकर डर और नाकेबंदी के कारण सार्वजनिक परिवहन लंबे समय तक बंद रहा।

NH-2 का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि यह मणिपुर को नागालैंड और असम से जोड़ने वाला छोटा और प्रमुख सड़क मार्ग है। लंबे समय तक आवाजाही प्रभावित रहने से लोगों को दूसरे विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ा। खासकर इम्फाल से दीमापुर और गुवाहाटी जाने वाले यात्रियों के लिए यह रास्ता महत्वपूर्ण है।

कांगपोकपी जिले में कुकी समुदाय के प्रभाव वाले इलाकों से यह हाईवे गुजरता है, जबकि आगे सेनापति नागा बहुल जिला है। इसी वजह से हाईवे पर आवाजाही बहाल करना केवल परिवहन का मामला नहीं, बल्कि अलग-अलग समुदायों के बीच भरोसा बहाल करने की कोशिश से भी जुड़ा है।

21 अगस्त से शुरू हुई बस सेवा, पहले दिन 125 यात्री निकले

मणिपुर सरकार की पहल के बाद 21 अगस्त को इम्फाल-दिमापुर-गुवाहाटी सार्वजनिक परिवहन सेवा दोबारा शुरू हुई। पहले दिन दो बसों और पांच टेंपो ट्रैवलर में 125 यात्रियों ने इम्फाल से सफर किया। वाहन कांगपोकपी और सेनापति से होकर नागालैंड के रास्ते गुवाहाटी की ओर रवाना हुए। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बलों की निगरानी में यात्रा कराई गई।

अगले दिन भी सेवा जारी रही। 22 अगस्त को 200 से ज्यादा यात्रियों ने चार बसों और छह विंगर वाहनों से इम्फाल से यात्रा की। पहले दिन इम्फाल से निकले 125 यात्री अगले दिन सुरक्षित गुवाहाटी पहुंच गए।

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने 8 अगस्त को कांगपोकपी दौरे के दौरान राज्य के नेशनल हाईवे को सभी समुदायों के लोगों के लिए खोलने और इम्फाल-दिमापुर-गुवाहाटी बस सेवा बहाल करने की घोषणा की थी। इसके बाद 21 अगस्त को सार्वजनिक परिवहन की शुरुआत हुई।

हिंसा के बीच भी नहीं रुका पूरा सफर

24 अगस्त को NH-2 पर आवाजाही के दौरान तफौ इलाके में एक घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री के मुताबिक, तफौ कुकी और तफौ नागा गांवों के आसपास आगजनी और गोलीबारी की घटनाएं हुई थीं। इस दौरान स्थानीय विधायकों और जिला प्रशासन ने दोनों समुदायों से बातचीत कर वाहनों की आवाजाही बाधित नहीं करने की अपील की।

इसी इलाके में 25 अगस्त को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, कुकी और नागा पक्षों के बीच गोलीबारी में सीआरपीएफ के एक सब-इंस्पेक्टर को पैर में गोली लगी। सुरक्षा बलों की तैनाती के बाद स्थिति को संभाला गया और NH-2 पर यातायात फिर जारी रहा।

इसके बावजूद सार्वजनिक परिवहन लगातार चौथे दिन चलता रहा। 25 अगस्त को करीब 300 यात्री, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, पांच बसों और नौ यात्री वाहनों से इम्फाल से दीमापुर और गुवाहाटी के लिए रवाना हुए। 21 अगस्त से अब तक करीब 900 यात्री इम्फाल से दीमापुर और गुवाहाटी की ओर जा चुके थे, जबकि 400 से ज्यादा यात्री गुवाहाटी और दीमापुर से सुरक्षित इम्फाल पहुंच चुके थे।

CM ने कुकी-नागा समुदायों को क्यों दिया धन्यवाद?

मुख्यमंत्री ने 25 अगस्त को इम्फाल में आयोजित हॉकर्स डे कार्यक्रम में कहा कि कुकी और नागा समुदायों की समझ और सहयोग ने लोगों तथा सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाई है। उनके मुताबिक, यह सहयोग राज्य में शांति बनाए रखने और सामान्य स्थिति लौटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Image : मणिपुर के मुख्यमंत्री ने NH-2 पर बिना रुकावट परिवहन के लिए समुदाय को श्रेय दिया | ANI फ़ोटो

इससे पहले भी यात्रियों ने हाईवे के आसपास रहने वाले कुकी और नागा लोगों का सहयोग के लिए धन्यवाद किया था। 24 अगस्त को यात्रा करने वाले यात्रियों ने बताया कि उन्हें रास्ते में सुरक्षित आवाजाही मिली। संवेदनशील हिस्सों में सुरक्षा बल और रोड ओपनिंग पार्टियां भी तैनात की गईं।

NH-2 खुलने से आम लोगों को क्या फायदा होगा?

करीब तीन साल बाद सार्वजनिक बस सेवा शुरू होने से मणिपुर के लोगों को नागालैंड और असम तक सड़क के रास्ते जाने का एक महत्वपूर्ण विकल्प वापस मिला है। इम्फाल और गुवाहाटी के बीच सड़क संपर्क बहाल होने से छात्रों, मरीजों, नौकरी और कारोबार के लिए यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिल सकती है।

मुख्यमंत्री ने भी कहा है कि सड़क परिवहन की बहाली से उन लोगों को फायदा होगा जिन्हें लंबे समय से महंगे हवाई किराए पर निर्भर रहना पड़ रहा था। खासकर बाहर पढ़ने वाले छात्रों और इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने वाले मरीजों के लिए सड़क संपर्क महत्वपूर्ण है।

NH-2 केवल यात्रियों के लिए ही जरूरी नहीं है। यह मणिपुर को नागालैंड और असम से जोड़ता है, इसलिए सामान्य आवाजाही बहाल होने का असर व्यापार और रोजमर्रा की आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। हालांकि, इसे राज्य में पूरी तरह सामान्य स्थिति लौटने का अंतिम संकेत मानना जल्दबाजी होगी, क्योंकि कुछ इलाकों में तनाव और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं।

आगे की चुनौती भरोसा कायम रखना

मणिपुर में मई 2023 से चले आ रहे जातीय तनाव के बीच NH-2 पर सार्वजनिक परिवहन की वापसी निश्चित रूप से एक अहम घटनाक्रम है। लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आने वाले दिनों में अलग-अलग समुदाय हाईवे पर निर्बाध आवाजाही बनाए रखने में कितना सहयोग करते हैं।

फिलहाल सरकार सुरक्षा व्यवस्था के साथ बस और यात्री सेवाएं जारी रख रही है। मुख्यमंत्री ने भी समुदायों के बीच बातचीत और सहयोग को शांति की बुनियाद बताया है। ऐसे में NH-2 का खुला रहना केवल बसों के चलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मणिपुर में लंबे समय से टूटे संपर्क और भरोसे को धीरे-धीरे जोड़ने की कोशिश भी है।

FAQ:

1. Manipur NH2 पर Free Movement की अनुमति क्यों महत्वपूर्ण है?

NH-2 इम्फाल को कांगपोकपी, सेनापति, नागालैंड के दीमापुर और आगे गुवाहाटी से जोड़ता है। लंबे समय तक आवाजाही प्रभावित रहने के बाद इसके खुलने से लोगों और सार्वजनिक परिवहन को महत्वपूर्ण सड़क संपर्क मिला है।

2. Manipur CM ने Kukis और Nagas को धन्यवाद क्यों दिया?

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि कुकी और नागा समुदायों के सहयोग और समझ से NH-2 पर सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षित और सुचारु आवाजाही संभव हुई। उन्होंने इसे शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

3. NH2 Highway Manipur में कहां से होकर गुजरता है?

NH-2 इम्फाल से कांगपोकपी और सेनापति होते हुए नागालैंड के दीमापुर तक जाता है। इसके बाद यह मार्ग गुवाहाटी से जुड़ता है।

4. Manipur में NH2 पर Movement को लेकर समस्या क्यों थी?

3 मई 2023 को शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद अलग-अलग इलाकों में सुरक्षा चिंताओं और नाकेबंदी के कारण NH-2 पर सार्वजनिक परिवहन प्रभावित रहा। इसी वजह से इम्फाल-दिमापुर-गुवाहाटी बस सेवा तीन साल से ज्यादा समय तक बंद रही।

5. Kuki और Naga समुदायों ने Free Movement में क्या भूमिका निभाई?

दोनों समुदायों के स्थानीय लोगों के सहयोग से संवेदनशील इलाकों में वाहनों की आवाजाही जारी रखने में मदद मिली। 24 अगस्त की एक स्थानीय घटना के बाद भी प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों ने दोनों पक्षों से बातचीत कर यातायात बाधित नहीं करने के लिए सहमति बनाई।

6. NH2 पर Free Movement से आम लोगों को क्या फायदा होगा?

सड़क परिवहन बहाल होने से इम्फाल से दीमापुर और गुवाहाटी जाने वाले लोगों को सस्ता और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। छात्रों, मरीजों, कामगारों और कारोबार से जुड़े लोगों को खास फायदा हो सकता है।

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