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OpenAI के खिलाफ मुकदमा हारे एलन मस्क, जानिए अमेरिकी अदालत ने क्यों कहा- 'मस्क ने आने में बहुत देर कर दी'?

दुनिया की सबसे चर्चित टेक कानूनी लड़ाइयों में से एक में एलन मस्क को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की एक अदालत ने OpenAI के खिलाफ दायर उनके मुकदमे को खारिज कर दिया। कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित फेडरल कोर्ट की जूरी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मस्क ने यह केस बहुत देर से दायर किया था।इस फैसले के बाद ChatGPT

OpenAI के खिलाफ मुकदमा हारे एलन मस्क, जानिए अमेरिकी अदालत ने क्यों कहा- 'मस्क ने आने में बहुत देर कर दी'?

दुनिया की सबसे चर्चित टेक कानूनी लड़ाइयों में से एक में एलन मस्क को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका की एक अदालत ने OpenAI के खिलाफ दायर उनके मुकदमे को खारिज कर दिया। कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित फेडरल कोर्ट की जूरी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मस्क ने यह केस बहुत देर से दायर किया था।

इस फैसले के बाद ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI को बड़ी राहत मिली है। वहीं, एलन मस्क की तरफ से लगाए गए आरोपों पर अदालत ने विस्तार से सुनवाई करने की जरूरत नहीं समझी, क्योंकि मामला समय सीमा से बाहर माना गया।

यह मुकदमा सिर्फ दो बड़े टेक नेताओं के बीच की लड़ाई नहीं था, बल्कि इससे यह सवाल भी जुड़ा था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI पर नियंत्रण किसका होना चाहिए और इसका इस्तेमाल किस दिशा में किया जाएगा।

 

मस्क ने क्या आरोप लगाए थे?

एलन मस्क ने दावा किया था कि OpenAI अपनी मूल सोच से भटक गई है। उनके अनुसार, OpenAI की शुरुआत मानवता के हित में AI तकनीक विकसित करने के लिए एक गैर-लाभकारी संस्था के रूप में हुई थी।

मस्क का कहना था कि बाद में कंपनी ने मुनाफे को प्राथमिकता देनी शुरू कर दी और निवेशकों व कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को फायदा पहुंचाने की दिशा में काम करने लगी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि OpenAI ने AI सुरक्षा को उतनी गंभीरता से नहीं लिया, जितनी तेजी से यह तकनीक दुनिया में फैल रही है।

मस्क ने अदालत से 150 अरब डॉलर के हर्जाने की मांग की थी। साथ ही उन्होंने OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन को बोर्ड से हटाने और कंपनी की मौजूदा व्यावसायिक संरचना खत्म करने की मांग भी की थी।

 

अदालत ने मस्क के खिलाफ फैसला क्यों दिया?

इस मामले में जूरी ने यह नहीं तय किया कि मस्क के आरोप सही हैं या गलत। फैसला केवल इस बात पर हुआ कि मुकदमा समय पर दायर किया गया था या नहीं।

कैलिफोर्निया कानून के मुताबिक, ऐसे मामलों में तय समय सीमा के भीतर केस दायर करना जरूरी होता है। जूरी ने माना कि मस्क को OpenAI के लाभकारी मॉडल की जानकारी कई साल पहले ही थी, लेकिन उन्होंने अगस्त 2024 में जाकर मुकदमा दायर किया।

नौ सदस्यों वाली जूरी ने करीब दो घंटे की चर्चा के बाद सर्वसम्मति से फैसला सुनाया।

फैसले के बाद जज यवोन गोंजालेज रोजर्स ने भी कहा कि जूरी के निष्कर्ष को समर्थन देने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद थे।

 

अदालत में क्या-क्या हुआ?

यह मुकदमा 28 अप्रैल से शुरू हुआ था और करीब दो हफ्ते तक चला। सुनवाई के दौरान कई बार माहौल काफी तीखा हो गया।

मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने अदालत में कहा कि सैम ऑल्टमैन की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है। उन्होंने दावा किया कि कई गवाहों ने ऑल्टमैन की बातों पर संदेह जताया।

दूसरी ओर OpenAI के वकील विलियम सैविट ने मस्क के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला केवल प्रतिस्पर्धा से जुड़ा है।

उन्होंने अदालत में कहा कि एलन मस्क कई क्षेत्रों में सफल हो सकते हैं, लेकिन AI सेक्टर में उन्हें वह सफलता नहीं मिली जिसकी उन्हें उम्मीद थी।

Elon Musk loses case against OpenAI

OpenAI और मस्क के रिश्ते कैसे बिगड़े?

OpenAI की स्थापना 2015 में सैम ऑल्टमैन, एलन मस्क और कुछ अन्य लोगों ने मिलकर की थी। उस समय इसे एक गैर-लाभकारी रिसर्च संस्था के रूप में शुरू किया गया था।

मस्क ने शुरुआती दौर में करीब 3.8 करोड़ डॉलर की मदद भी की थी और वे कंपनी के बोर्ड में शामिल थे।

लेकिन 2018 में मस्क ने OpenAI छोड़ दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक वे कंपनी में ज्यादा नियंत्रण चाहते थे, जो उन्हें नहीं मिला।

इसके बाद 2019 में OpenAI ने बड़ा निवेश जुटाने के लिए एक लाभकारी इकाई बनाई। बाद में माइक्रोसॉफ्ट ने कंपनी में अरबों डॉलर का निवेश किया।

यहीं से मस्क और OpenAI के बीच दूरी बढ़ती चली गई।

 

AI की दुनिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा

यह कानूनी लड़ाई ऐसे समय हुई जब दुनिया भर में AI सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

OpenAI आज दुनिया की सबसे प्रभावशाली AI कंपनियों में गिनी जाती है। ChatGPT की सफलता के बाद कंपनी की वैल्यू तेजी से बढ़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भविष्य में OpenAI का IPO आ सकता है और उसकी वैल्यू करीब 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।

मुकदमे के दौरान यह भी सामने आया कि माइक्रोसॉफ्ट ने OpenAI के साथ साझेदारी में 100 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है।

दूसरी ओर एलन मस्क भी अपनी AI कंपनी xAI को तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। यह कंपनी SpaceX और मस्क की दूसरी टेक परियोजनाओं के साथ मिलकर काम कर रही है।

 

फैसले का क्या असर होगा?

इस फैसले को OpenAI के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है। यदि मस्क मुकदमा जीत जाते, तो OpenAI की मौजूदा संरचना बदल सकती थी और कंपनी के भविष्य पर बड़ा असर पड़ता।

अब कानूनी अड़चन हटने के बाद OpenAI अपने विस्तार और संभावित IPO की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकती है।

वहीं मस्क के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। उन्हें न तो हर्जाना मिला, न बोर्ड में बदलाव हुआ और न ही कंपनी की संरचना बदली।

हालांकि मस्क ने कहा है कि वे फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। लेकिन अदालत की टिप्पणियों और जूरी के सर्वसम्मति वाले फैसले को देखते हुए आगे की राह आसान नहीं मानी जा रही।

 

सिर्फ कानूनी मामला नहीं, AI के भविष्य की बहस

यह मामला केवल मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच का विवाद नहीं था। इससे कई बड़े सवाल भी जुड़े हुए हैं।

जैसे- AI पर नियंत्रण किसका होना चाहिए? क्या गैर-लाभकारी संस्थाएं बाद में बड़े कारोबारी मॉडल में बदल सकती हैं? और भविष्य की इस तकनीक का सबसे ज्यादा फायदा किसे मिलेगा?

अदालत ने इन सवालों पर फैसला नहीं दिया, लेकिन इतना जरूर साफ हो गया कि AI की दुनिया में प्रतिस्पर्धा अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और राजनीतिक होती जा रही है।

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