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इमरान खान की सेहत को लेकर 5 देशों के 14 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार से की बड़ी अपील, क्या जेल में खतरे में है इमरान खान की सेहत?

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। उनकी बिगड़ती आंखों की हालत और जेल में इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पांच देशों के 14 पू

इमरान खान की सेहत को लेकर 5 देशों के 14 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार से की बड़ी अपील, क्या जेल में खतरे में है इमरान खान की सेहत?

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और 1992 विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। उनकी बिगड़ती आंखों की हालत और जेल में इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पांच देशों के 14 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने पाकिस्तान सरकार को पत्र लिखा है। इन दिग्गजों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपील की है कि इमरान खान को तुरंत और सही इलाज दिया जाए।

73 वर्षीय इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उनके खिलाफ 100 से अधिक मामले चल रहे हैं। इस बीच सामने आई मेडिकल रिपोर्टों ने उनकी सेहत को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

Imran Khan health danger in jail

किन दिग्गजों ने लिखी चिट्ठी?

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इस पत्र पर भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और वेस्टइंडीज समेत पांच देशों के पूर्व कप्तानों ने हस्ताक्षर किए हैं। इनमें सुनील गावस्कर, कपिल देव, ग्रेग चैपल, बेलिंडा क्लार्क, माइकल एथरटन, नासिर हुसैन, इयान चैपल, एलन बॉर्डर, माइकल ब्रियरली, डेविड गावर, किम ह्यूजेस, क्लाइव लॉयड, स्टीव वॉ और जॉन राइट शामिल हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, किसी भी पूर्व पाकिस्तानी कप्तान ने इस पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। हालांकि हाल ही में वसीम अकरम, वकार यूनिस और शाहिद अफरीदी समेत कई पूर्व पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर इमरान को बेहतर इलाज देने की मांग की थी।

 

एक आंख की 85% रोशनी जा चुकी

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कराई गई मेडिकल जांच में खुलासा हुआ कि इमरान खान की दाहिनी आंख की लगभग 85 प्रतिशत रोशनी जा चुकी है। यह जानकारी सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वकील सलमान सफदर की रिपोर्ट में सामने आई।

 

रिपोर्ट में कहा गया कि इमरान कई महीनों से आंखों में धुंधलापन होने की शिकायत कर रहे थे। अक्टूबर 2025 तक उनकी नजर सामान्य बताई गई थी, लेकिन उसके बाद दाहिनी आंख की रोशनी अचानक कम हो गई। जांच के दौरान इस्लामाबाद के पिम्स अस्पताल से एक आंख विशेषज्ञ को बुलाया गया। डॉक्टरों ने पाया कि उनकी आंख में खून का थक्का जम गया था, जिससे गंभीर नुकसान हुआ।

 

इलाज के लिए इंजेक्शन दिए गए, लेकिन अब उनकी दाहिनी आंख में केवल करीब 15 प्रतिशत रोशनी बची है। इमरान का कहना है कि उन्हें निजी डॉक्टर से इलाज कराने की अनुमति नहीं दी गई।

 

कौन सी बीमारी बताई गई?

इमरान खान की पार्टी Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) ने पिछले महीने बताया कि उन्हें सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO) नाम की बीमारी है। यह आंख की गंभीर बीमारी मानी जाती है।

 

CRVO में आंख की रेटिना से खून बाहर ले जाने वाली मुख्य नस बंद हो जाती है। रेटिना वही हिस्सा है, जिसकी मदद से हम देख पाते हैं। नस बंद होने के बाद खून जमा होने लगता है, जिससे सूजन और खून का रिसाव हो सकता है। अगर समय पर इलाज न मिले तो रेटिना को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार इस बीमारी में इलाज में देरी खतरनाक हो सकती है। कई मामलों में 24 से 72 घंटे के भीतर इलाज जरूरी माना जाता है। अगर ब्लॉकेज पूरी तरह हो जाए या बार-बार खून का रिसाव हो, तो आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है।

 

इलाज क्यों जटिल है?

CRVO का इलाज सामान्य दवाओं से संभव नहीं होता। इसके लिए रेटिना विशेषज्ञ की जरूरत पड़ती है। इलाज में आंख के अंदर सूजन कम करने के लिए विशेष इंजेक्शन दिए जाते हैं। कुछ मामलों में लेजर इलाज भी करना पड़ता है।

 

इसके अलावा हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल जैसी बीमारियों को नियंत्रित रखना भी जरूरी है, क्योंकि ये नसों में रुकावट की वजह बन सकती हैं। ऐसे इलाज के लिए अच्छे अस्पताल, साफ माहौल और अनुभवी डॉक्टर जरूरी होते हैं।

 

मानसिक दबाव और अलगाव का आरोप

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अक्टूबर 2023 से इमरान खान को अडियाला जेल में अलग-थलग रखा गया है। उनके वकील का दावा है कि उनका नियमित ब्लड टेस्ट नहीं कराया गया। पिछले दो साल में उन्हें दांतों के डॉक्टर के पास भी नहीं ले जाया गया, जबकि उन्होंने कई बार मांग की थी।

 

मुलाकात के दौरान वे परेशान और मानसिक दबाव में दिखे। परिवार और वकीलों से मिलने पर भी पाबंदियां लगाई गईं। अदालत के आदेश के बावजूद उनकी बहनों को नियमित रूप से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।

 

हालांकि हाल में जेल प्रशासन में बदलाव के बाद उन्हें पत्नी से हफ्ते में एक बार 30 मिनट मिलने की अनुमति मिली है। उनके बेटों कासिम और सुलेमान से 2025 में केवल दो बार फोन पर बात करने दी गई। पिछले पांच महीनों से उन्हें अपने मुख्य वकील और कानूनी टीम से भी मिलने नहीं दिया गया।

 

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अगर तुरंत बेहतर मेडिकल जांच और परिवार से मिलने की सुविधा बहाल नहीं की गई, तो उनकी सेहत और बिगड़ सकती है।

 

किन मामलों में जेल में हैं इमरान?

इमरान खान पर 100 से अधिक मामले दर्ज हैं। अगस्त 2023 से वे जेल में हैं। भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें 14 साल की सजा सुनाई गई है। इसमें सरकारी उपहार बेचने से जुड़ा तोशाखाना मामला और सरकारी गोपनीय जानकारी लीक करने के आरोप शामिल हैं।

 

इसके अलावा अल-कादिर ट्रस्ट मामले में भी उन पर गंभीर आरोप हैं। उन पर आरोप है कि ट्रस्ट के लिए सरकार की अरबों रुपये की जमीन सस्ते दाम पर बेची गई। इस मामले में पाकिस्तान के नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (NAB) ने दिसंबर 2023 में इमरान खान, उनकी पत्नी बुशरा बीबी और छह अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था।

 

इमरान को 9 मई 2023 को इसी मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा हुई और सेना के ठिकानों पर हमले की खबरें आईं।

 

अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ेगा?

इमरान खान सिर्फ एक राजनेता ही नहीं, बल्कि विश्व कप विजेता कप्तान भी रहे हैं। 1992 में उनकी कप्तानी में पाकिस्तान ने पहली बार क्रिकेट विश्व कप जीता था। इसी कारण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में उनकी पहचान अब भी मजबूत है।

 

अब जब दुनिया के कई पूर्व कप्तानों ने उनकी सेहत पर चिंता जताई है, तो यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या पाकिस्तान सरकार इस अपील पर ध्यान देगी?

 

निष्कर्ष:

इमरान खान की सेहत, जेल की परिस्थितियां और कानूनी मामलों ने पाकिस्तान की राजनीति को फिर सुर्खियों में ला दिया है। एक ओर सरकार का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है, दूसरी ओर उनके समर्थक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत बेहतर इलाज की मांग कर रहे हैं।

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