Guest House Approval: 'शीशमहल' अब बनेगा सरकारी गेस्ट हाउस! आखिर केजरीवाल के पुराने बंगले का क्या होगा?
Guest House Approval को लेकर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास 6, फ्लैगस्टाफ रोड, सिविल लाइंस को अब दिल्ली स्टेट गेस्ट हाउस-कम-कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। सरकार का कहना है कि इससे राष्ट्रीय और अंतरर
Guest House Approval को लेकर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेने की तैयारी कर ली है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास 6, फ्लैगस्टाफ रोड, सिविल लाइंस को अब दिल्ली स्टेट गेस्ट हाउस-कम-कल्चरल सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। सरकार का कहना है कि इससे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मेजबानी के लिए राजधानी को एक आधुनिक सरकारी परिसर मिलेगा।
दिल्ली सरकार का क्या है पूरा प्लान?
दिल्ली सरकार के अनुसार, इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में इस परियोजना पर विस्तार से चर्चा हो चुकी है।लोक निर्माण विभाग (PWD) से बंगले की वर्तमान स्थिति की रिपोर्ट भी मांगी गई है ताकि विकास कार्य की रूपरेखा तय की जा सके।
Guest House Approval के तहत क्या-क्या बनेगा?
इस परियोजना के तहत केवल गेस्ट हाउस ही नहीं बल्कि एक आधुनिक सांस्कृतिक केंद्र भी बनाया जाएगा।प्रस्तावित सुविधाओं में शामिल हैं
- वीआईपी और सरकारी मेहमानों के लिए आधुनिक कमरे
- कॉन्फ्रेंस हॉल
- मीटिंग स्पेस
- बड़ा ऑडिटोरियम
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रदर्शनी के लिए विशेष स्थान
- आधिकारिक समारोह आयोजित करने की सुविधा
सरकार पड़ोस की निर्माणाधीन इमारत को भी इस परियोजना का हिस्सा बनाकर बड़ा परिसर विकसित करना चाहती है।
आखिर गेस्ट हाउस की जरूरत क्यों पड़ी?
- दिल्ली, देश की राजधानी होने के बावजूद, अब तक किसी समर्पित Delhi Guest House की व्यवस्था नहीं रखती है।
- जब भी किसी राज्य या विदेश से सरकारी प्रतिनिधिमंडल आता है, तब उनके ठहरने की अलग-अलग व्यवस्था करनी पड़ती है।
सरकार का मानना है कि यह परियोजना सरकारी मेहमानों की मेजबानी को आसान बनाएगी और Government Infrastructure को मजबूत करेगी।

'शीशमहल' विवाद क्या था?
यह वही सरकारी आवास है जिसमें अरविंद केजरीवाल वर्ष 2015 से 2024 तक रहे। बंगले के नवीनीकरण पर खर्च को लेकर भाजपा ने इसे "शीशमहल" नाम दिया था और विधानसभा चुनाव के दौरान इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया।बाद में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में कहा गया कि-
- नवीनीकरण पर कुल लगभग 33.66 करोड़ रुपये खर्च हुए।
- यह शुरुआती अनुमान से लगभग 340 प्रतिशत अधिक था।
- लगभग 18.88 करोड़ रुपये कलात्मक, सजावटी और उच्च गुणवत्ता वाले इंटीरियर पर खर्च किए गए।
- इन्हीं आरोपों के बाद इस मामले की सतर्कता जांच भी शुरू की गई थी।
दिल्ली कैबिनेट से कब मिलेगी मंजूरी?
अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रस्ताव पिछले सप्ताह Delhi Cabinet की बैठक के एजेंडे में शामिल था, लेकिन उस समय सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) नीति पर केंद्रित रही।अब उम्मीद की जा रही है कि Delhi Cabinet Decision के तहत जल्द ही इस परियोजना को अंतिम मंजूरी मिल सकती है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण और विकास कार्य शुरू होगा।
आम लोगों को क्या होगा फायदा?
सरकार का दावा है कि यह परियोजना केवल सरकारी मेहमानों के लिए ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए भी उपयोगी होगी।यहाँ-
- कला प्रदर्शनियां आयोजित होंगी।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
- सरकारी सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय बैठकें आयोजित की जा सकेंगी।
- दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा।
निष्कर्ष
Guest House Approval से जुड़ा यह प्रस्ताव दिल्ली के सबसे चर्चित सरकारी बंगलों में से एक को नया स्वरूप देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि कैबिनेट से अंतिम मंजूरी मिल जाती है तो पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का पुराना आवास भविष्य में दिल्ली के आधिकारिक Delhi Guest House और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह परियोजना Urban Development और सरकारी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
FAQs:
दिल्ली सरकार ने नए गेस्ट हाउस को क्यों मंजूरी दी?सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की मेजबानी के लिए एक स्थायी दिल्ली स्टेट गेस्ट हाउस विकसित करना चाहती है।
यह गेस्ट हाउस कहाँ बनाया जाएगा?पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी आवास 6, फ्लैगस्टाफ रोड, सिविल लाइंस में इसे विकसित करने की योजना है।
इस परियोजना की अनुमानित लागत कितनी है?नई परियोजना की लागत अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। अंतिम मंजूरी के बाद विस्तृत जानकारी सामने आएगी।
गेस्ट हाउस का उपयोग किन उद्देश्यों के लिए होगा?यह सरकारी मेहमानों के ठहरने, सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और आधिकारिक समारोहों के आयोजन के लिए इस्तेमाल होगा।
इससे आम जनता को क्या लाभ मिलेगा?सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और सार्वजनिक आयोजनों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा सरकारी बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।
क्या यह परियोजना दिल्ली कैबिनेट द्वारा स्वीकृत है?अभी प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति की प्रक्रिया में है। जल्द ही इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
निर्माण कार्य कब शुरू होगा?कैबिनेट की अंतिम मंजूरी और विभागीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद विकास कार्य शुरू किया जाएगा।