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Muharram Poisoning Plot: 15 दिन तक होटल के कमरे में चलता रहा मौत का खेल! आखिर क्या था 30,000 ज़हरीले कैप्सूल का प्लान?

Muharram Poisoning Plot ने पूरे देश को झकझोर दिया है। मुंबई पुलिस के अनुसार, 39 वर्षीय फैयाज प्रेमजी पर आरोप है कि उसने मुहर्रम जुलूस के दौरान लोगों को दर्द की दवा बताकर ज़हरीले कैप्सूल बांटने की साजिश रची। जांच में दावा किया गया है कि वह दक्षिण मुंबई के डोंगरी स्थित एक बजट होटल में करीब 15 दिनों तक

Muharram Poisoning Plot: 15 दिन तक होटल के कमरे में चलता रहा मौत का खेल! आखिर क्या था 30,000 ज़हरीले कैप्सूल का प्लान?

Muharram Poisoning Plot ने पूरे देश को झकझोर दिया है। मुंबई पुलिस के अनुसार, 39 वर्षीय फैयाज प्रेमजी पर आरोप है कि उसने मुहर्रम जुलूस के दौरान लोगों को दर्द की दवा बताकर ज़हरीले कैप्सूल बांटने की साजिश रची। जांच में दावा किया गया है कि वह दक्षिण मुंबई के डोंगरी स्थित एक बजट होटल में करीब 15 दिनों तक ठहरा और वहीं हजारों कैप्सूल तैयार किए। पुलिस का कहना है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक बड़ी त्रासदी टल गई। हालांकि मामले की जांच अभी जारी है और सभी आरोपों की पुष्टि अदालत में होनी बाकी है। 

Muharram Poisoning Plot क्या है?

Muharram Poisoning Plot में मुंबई पुलिस का आरोप है कि फैयाज प्रेमजी ने जिंक फॉस्फाइड (चूहे मारने में इस्तेमाल होने वाला जहरीला रसायन) से भरे कैप्सूल दर्द निवारक दवा बताकर मुहर्रम जुलूस में बांटने की कोशिश की। पुलिस ने 14,900 से अधिक कैप्सूल बरामद किए हैं और मामले की कई एजेंसियां जांच कर रही हैं। 

होटल का कमरा कैसे बना कथित 'कैप्सूल फैक्ट्री'?

जांच के अनुसार, फैयाज प्रेमजी करीब दो सप्ताह पहले डोंगरी के एक बजट होटल में ठहरा था। पुलिस का आरोप है कि उसने ऑनलाइन 30,000 खाली कैप्सूल और लगभग 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड मंगवाया। इसके बाद उसने होटल के कमरे में कई दिनों तक इन कैप्सूलों को जहरीले पदार्थ से भरने का काम किया। तलाशी के दौरान पुलिस ने 14,900 भरे हुए कैप्सूल और अन्य सामग्री बरामद करने का दावा किया है। 

Muharram Poisoning Plot

पुलिस के मुताबिक क्या था पूरा प्लान?

मुंबई पुलिस का दावा है कि आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह बड़ी संख्या में लोगों को निशाना बनाना चाहता था। आरोप है कि जुलूस में शामिल लोगों को दर्द की दवा बताकर कैप्सूल दिए जा रहे थे। कुछ लोगों ने इन्हें खा लिया, जिसके बाद उल्टी, मतली और पेट दर्द जैसी शिकायतें सामने आईं। डॉक्टरों की सूचना के बाद पुलिस सक्रिय हुई और आरोपी तक पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि समय रहते हस्तक्षेप होने से बड़ा हादसा टल गया। 

जांच में किन पहलुओं की पड़ताल हो रही है?

जांच अब केवल कथित ज़हरीले कैप्सूल तक सीमित नहीं है। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस, ऑनलाइन खरीद, बैंक लेनदेन, यात्रा रिकॉर्ड और विदेशी संपर्कों की भी जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के फोन में ईरान और इराक से जुड़े कुछ नंबर मिले हैं। हालांकि अब तक किसी विदेशी साजिश की पुष्टि नहीं हुई है। महाराष्ट्र ATS, मुंबई पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियां सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही हैं।

आरोपी के बारे में क्या जानकारी सामने आई?

पुलिस के अनुसार, फैयाज प्रेमजी पुणे का रहने वाला है और पहले अपने परिवार के पेंट कारोबार से जुड़ा था। जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले कुछ वर्षों में उसने ईरान और इराक की कई यात्राएं की थीं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उसकी निजी जिंदगी में समस्याएं थीं और जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इन दावों की अभी पुष्टि की जा रही है और इन्हें जांच का केवल एक पहलू माना जा रहा है। 

 

आरोपी पर कौन-कौन सी धाराएं लगी हैं?

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें हत्या के प्रयास, ज़हर देकर नुकसान पहुंचाने और अन्य गंभीर आरोप शामिल हैं। जब्त सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी ने अकेले काम किया या किसी और की मदद ली। 

 

निष्कर्ष

Muharram Poisoning Plot ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। पुलिस का दावा है कि समय रहते कार्रवाई होने से एक संभावित बड़े हादसे को रोका जा सका। फिलहाल मामले की जांच कई एजेंसियां कर रही हैं और आरोपी के कथित मकसद, विदेशी संपर्कों तथा संभावित सहयोगियों की पड़ताल जारी है। अदालत में जांच और सबूतों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष तय होगा।

FAQs:

मुंबई मुहर्रम पॉइजनिंग प्लॉट क्या है?

यह एक कथित साजिश का मामला है, जिसमें आरोपी पर मुहर्रम जुलूस के दौरान ज़हरीले कैप्सूल बांटने का आरोप है। मामले की जांच जारी है। 

फैयाज प्रेमजी कौन है?

वह पुणे का 39 वर्षीय व्यक्ति है, जिसे मुंबई पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार किया है। 

होटल के कमरे में कैप्सूल फैक्ट्री कैसे बनाई गई?

पुलिस के अनुसार आरोपी ने होटल में रहकर ऑनलाइन मंगाए गए खाली कैप्सूल और जिंक फॉस्फाइड का इस्तेमाल कर हजारों कैप्सूल तैयार किए। 

पुलिस ने इस मामले का खुलासा कैसे किया?

कुछ लोगों की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। जांच के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची और बड़ी संख्या में कैप्सूल बरामद किए। 

इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है

आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। ATS, मुंबई पुलिस और अन्य एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, विदेशी संपर्क, वित्तीय लेनदेन और अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं।

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