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20 जुलाई को दिल्ली में बड़ा Statehood Protest, आखिर किस बात पर सड़कों पर उतरेंगे लोग?

Statehood Protest को लेकर जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन National Conference (NC) दिल्ली के जंतर-मंतर पर जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा (Statehood) देने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन करेगी। दूसरी ओर, BJP की जम्मू-कश्मीर इकाई भी उसी द

20 जुलाई को दिल्ली में बड़ा Statehood Protest, आखिर किस बात पर सड़कों पर उतरेंगे लोग?

Statehood Protest को लेकर जम्मू-कश्मीर की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन National Conference (NC) दिल्ली के जंतर-मंतर पर जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा (Statehood) देने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन करेगी। दूसरी ओर, BJP की जम्मू-कश्मीर इकाई भी उसी दिन श्रीनगर में सचिवालय घेराव कर Omar Abdullah सरकार की आउटसोर्सिंग नीति के खिलाफ प्रदर्शन करेगी। ऐसे में 20 जुलाई को जम्मू-कश्मीर की राजनीति में बड़ा सियासी टकराव देखने को मिल सकता है।

20 जुलाई को क्यों खास है यह Statehood Protest?

National Conference ने इस प्रदर्शन को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आयोजित करने का फैसला किया है ताकि राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जा सके। पार्टी ने कांग्रेस अध्यक्ष, विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सहित 56 नेताओं को प्रदर्शन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। मुख्यमंत्री ओमर अब्दुल्ला ने साफ कहा है कि दिल्ली सरकार से अनुमति मिले या न मिले, प्रदर्शन हर हाल में होगा। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो स्थान या तरीका बदला जा सकता है, लेकिन कार्यक्रम रद्द नहीं होगा।

Delhi Statehood Protest

Statehood Protest: जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने की मांग क्यों?

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद अगस्त 2019 में राज्य का पुनर्गठन किया गया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया। इसके बाद से National Conference, कांग्रेस और कई अन्य दल लगातार Restoration of Statehood की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि राज्य का दर्जा बहाल होने से लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक अधिकार मजबूत होंगे। सरकार बनने के बाद ओमर अब्दुल्ला की कैबिनेट ने भी राज्य का दर्जा बहाल करने का प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय नेताओं को भेजा था। हालांकि, अब तक इस दिशा में कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है।

प्रदर्शन में कौन-कौन होगा शामिल और कौन रहेगा अलग?

जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने NC Protest में शामिल होने का ऐलान किया है। हालांकि, पीडीपी और घाटी के कुछ अन्य विपक्षी दल इस प्रदर्शन से दूरी बना सकते हैं। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा रुहुल्लाह ने भी इस प्रदर्शन में शामिल होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि पार्टी को जनता ने Article 370 की बहाली के लिए जनादेश दिया था, इसलिए केवल स्टेटहुड नहीं बल्कि अनुच्छेद 370 की बहाली पर भी जोर दिया जाना चाहिए।

उधर BJP भी करेगी बड़ा प्रदर्शन

20 जुलाई को BJP की जम्मू-कश्मीर इकाई श्रीनगर में सचिवालय का घेराव करेगी। बीजेपी का आरोप है कि ओमर अब्दुल्ला सरकार आउटसोर्सिंग नीति के जरिए सरकारी नौकरियों में पारदर्शिता से समझौता कर रही है। पार्टी का दावा है कि लगभग 25,000 नौकरियां आउटसोर्सिंग के जरिए दी गई हैं, जिससे योग्य युवाओं के साथ अन्याय हुआ है। बीजेपी ने दावा किया है कि उसके इस प्रदर्शन में करीब 10,000 कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी ने युवाओं, कर्मचारी संगठनों, व्यापारिक संगठनों और सिविल सोसायटी से भी इस आंदोलन में जुड़ने की अपील की है।

 

क्या है Statehood की मांग पर केंद्र सरकार का रुख?

केंद्र सरकार पहले भी कई बार कह चुकी है कि जम्मू-कश्मीर को उचित समय पर राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा। यह आश्वासन संसद और सुप्रीम कोर्ट में भी दिया गया है। हालांकि, अब तक इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा या औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। यही वजह है कि विपक्षी दल इस मुद्दे को लगातार राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों पर उठा रहे हैं।

 

निष्कर्ष

20 जुलाई का Statehood Protest जम्मू-कश्मीर की राजनीति के लिए एक अहम मोड़ साबित हो सकता है। एक ओर National Conference दिल्ली में राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश करेगी, वहीं दूसरी ओर BJP आउटसोर्सिंग नीति को लेकर सरकार पर हमला बोलेगी। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि Jammu and Kashmir Statehood का मुद्दा संसद और केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में कितनी जगह बना पाता है।

FAQs:

नेशनल कॉन्फ्रेंस दिल्ली में विरोध प्रदर्शन क्यों कर रही है?

नेशनल कॉन्फ्रेंस जम्मू-कश्मीर को दोबारा राज्य का दर्जा (Statehood) देने की मांग को लेकर 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है।

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा (Statehood) वापस देने की मांग क्या है?

यह मांग अगस्त 2019 में राज्य का पुनर्गठन कर उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बाद से उठाई जा रही है। विपक्षी दल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस की इस मांग का मुख्य उद्देश्य क्या है?

पार्टी का कहना है कि राज्य का दर्जा बहाल होने से जम्मू-कश्मीर में लोकतांत्रिक व्यवस्था और प्रशासनिक अधिकार पहले की तरह मजबूत होंगे।

दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन कब और कहाँ होगा?

यह प्रदर्शन 20 जुलाई को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित किया जाएगा।

राज्य का दर्जा हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति क्या है?

फिलहाल जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) है, जबकि लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में कार्य कर रहा है।

केंद्र सरकार का राज्य का दर्जा बहाल करने पर क्या रुख है?

केंद्र सरकार ने कहा है कि उचित समय पर जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, लेकिन अभी तक इसकी कोई तय समय-सीमा घोषित नहीं की गई है।

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