Anant Ambani Reliance Biogas Plant : आंध्र प्रदेश में रिलायंस का 1 लाख करोड़ का निवेश, क्लीन एनर्जी की दिशा में क्या होगा बड़ा फायदा?
रिलायंस इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश में सीबीजी प्लांटों के लिए 1 लाख करोड़ रुपए निवेश की योजना बना रही है। अनंत अंबानी के अनुसार इससे 3 लाख से ज्यादा रोजगार और करीब 60 हजार करोड़ रुपए राजस्व की संभावना है। किसानों को भी नए बाजार और तकनीकी अवसर मिलेंगे।
Anant Ambani Reliance Biogas Plant : रिलायंस इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस यानी सीबीजी प्लांट लगाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत एम. अंबानी ने शुक्रवार को मदनपल्ले में रेयालसीमा हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के फाउंडेशन स्टोन कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उनके मुताबिक, इस निवेश से आने वाले दशकों में 3 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा हो सकते हैं और राज्य को करीब 60 हजार करोड़ रुपए का राजस्व मिल सकता है। उन्होंने कहा कि यह निवेश आंध्र प्रदेश के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन को बढ़ाने के साथ किसानों के लिए नए अवसर भी तैयार करेगा।

कचरे से बनेगी एनर्जी, किसानों के लिए खुलेगा नया बाजार
CBG एक रिन्यूएबल फ्यूल है, जिसे कृषि अवशेष, पशुओं के गोबर, खाद्य कचरे और दूसरे जैविक कचरे को प्रोसेस करके बनाया जाता है। इसमें मीथेन की मात्रा अधिक होती है और इसका इस्तेमाल पारंपरिक नेचुरल गैस के विकल्प के तौर पर ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्री और कमर्शियल सेक्टर में किया जा सकता है।रिलायंस के प्रस्ताव का एक अहम पहलू खेती और एनर्जी सेक्टर को जोड़ना है। अंबानी ने कहा कि जो किसान देश की फूड सिक्योरिटी मजबूत करते हैं, वे अब एनर्जी सिक्योरिटी में भी योगदान दे सकते हैं। सीबीजी प्लांटों के लिए कृषि अवशेष और दूसरे जैविक कचरे की जरूरत होगी, जिससे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के वेस्ट के लिए नया बाजार तैयार हो सकता है।
इससे खेतों में बचे कृषि अवशेषों का इस्तेमाल बढ़ाने, जैविक कचरे को एनर्जी में बदलने और बायो-मैन्योर के जरिए खेती में दोबारा उपयोग की संभावनाएं भी बनती हैं। साथ ही, घरेलू स्तर पर तैयार होने वाला सीबीजी आयातित फॉसिल फ्यूल पर निर्भरता कम करने में मदद कर सकता है।
रेयालसीमा में 40 हजार करोड़ का हॉर्टिकल्चर हब
मदनपल्ले में जिस कार्यक्रम के दौरान अंबानी ने सीबीजी निवेश की घोषणा की, वहीं रेयालसीमा हॉर्टिकल्चर हब और इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर की नींव भी रखी गई। अंबानी ने हॉर्टिकल्चर हब को 40 हजार करोड़ रुपए के निवेश से जुड़ी पहल बताया। इसका उद्देश्य रेयालसीमा में टेक्नोलॉजी आधारित खेती, हॉर्टिकल्चर और उससे जुड़े कारोबार को बढ़ावा देना है।आंध्र प्रदेश सरकार के मुताबिक, जून 2024 से अब तक राज्य में 388 मेगा प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इनमें 14 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव और करीब 11 लाख रोजगार की संभावनाएं बताई गई हैं। अंबानी के मुताबिक, इनमें से करीब एक-तिहाई निवेश रेयालसीमा क्षेत्र की ओर जा रहा है।
रिलायंस ने रेयालसीमा में क्लीन एनर्जी के अलावा एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी अवसर तलाशने की बात कही है। अंबानी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू से खुद को “आंध्र का बेटा” मानने का आग्रह करते हुए कहा कि इन पहलों का उद्देश्य सिर्फ फाउंडेशन स्टोन रखना नहीं, बल्कि ग्रामीण कारोबार, मजबूत गांव और किसानों की आय व जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना है।
खेती में AI, ड्रोन और रोबोटिक्स का इस्तेमाल
इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर को लेकर अंबानी ने कहा कि यहां किसानों के पारंपरिक ज्ञान को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा जाएगा। इसके तहत कीटों की समस्या का पहले से अनुमान लगाने, ड्रोन से फसल की निगरानी, प्रिसिजन इरिगेशन, रोबोटिक्स और फसल के दाम से जुड़ी जानकारी जैसे क्षेत्रों में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा सकता है।रिलायंस का जियो इस स्कूल के साथ मिलकर गांवों में वर्चुअल क्लासरूम के जरिए भारतीय भाषाओं में ट्रेनिंग प्रोग्राम लाखों किसानों तक पहुंचाने की योजना पर काम करेगा। ग्रामीण युवाओं को डिजिटल रूप से सक्षम एक्सटेंशन वर्कर के तौर पर तैयार करने की भी बात कही गई है, ताकि वे स्थानीय किसानों तक नई कृषि तकनीक और जानकारी पहुंचा सकें।
अंबानी ने जियो कृषि प्लेटफॉर्म का भी जिक्र किया, जो किसानों के लिए अलग-अलग प्रोडक्ट और सेवाएं उपलब्ध कराता है। इसके अलावा रिलायंस ने गुजरात के जामनगर में बायो-एनर्जी रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किया है। कंपनी इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर और वंतारा की प्रस्तावित यूनिवर्सिटी फॉर वाइल्डलाइफ एंड वेटरिनरी साइंसेज के बीच सहयोग की संभावनाएं भी तलाशेगी।
अंबानी ने कहा कि टेक्नोलॉजी, स्किल्स और एंटरप्रेन्योरशिप के अवसर गांवों में ही उपलब्ध कराकर खेती को युवाओं के लिए एक आकर्षक करियर बनाया जा सकता है। उनका जोर इस बात पर रहा कि ग्रामीण युवा अपने गांवों में रहते हुए ही नई तकनीक और कारोबार के जरिए अपना भविष्य तैयार कर सकें।
सीबीजी प्लांटों में 1 लाख करोड़ रुपए का प्रस्तावित निवेश और कृषि क्षेत्र में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल की ये योजनाएं रिलायंस के क्लीन एनर्जी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जोड़ने वाले प्रयास का हिस्सा हैं। हालांकि, 3 लाख से ज्यादा रोजगार और 60 हजार करोड़ रुपए के राजस्व के आंकड़े कंपनी की ओर से बताए गए अनुमान हैं, जिन्हें परियोजनाओं के आगे बढ़ने के साथ देखा जाएगा।

FAQ (Frequently Asked Questions):
Reliance Andhra Pradesh में कितना Investment करेगी?
रिलायंस इंडस्ट्रीज आंध्र प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने के लिए 1 लाख करोड़ रुपए निवेश करने की योजना बना रही है।
CBG Plants से Andhra Pradesh को कितना Revenue मिल सकता है?
अंबानी के अनुसार, आने वाले दशकों में राज्य को करीब 60 हजार करोड़ रुपए का Revenue मिल सकता है।
CBG क्या है और इसका इस्तेमाल कहां होता है?
कंप्रेस्ड बायोगैस जैविक कचरे से तैयार होने वाला रिन्यूएबल फ्यूल है। इसका इस्तेमाल Transport, Industry और Commercial Applications में नेचुरल गैस के विकल्प के तौर पर किया जा सकता है।
Rayalaseema Horticulture Hub में कितना Investment बताया गया है?
अनंत अंबानी ने रेयालसीमा हॉर्टिकल्चर हब को 40 हजार करोड़ रुपए के Investment से जुड़ी पहल बताया है। इसका उद्देश्य टेक्नोलॉजी आधारित Agriculture और Horticulture को बढ़ावा देना है।
Indian School of Agriculture में कौन-सी Technology इस्तेमाल होगी?
स्कूल में AI, Drones, Precision Irrigation, Robotics और Price Intelligence जैसी Technologies को किसानों के पारंपरिक ज्ञान के साथ जोड़ने की योजना है।
Jio किसानों के लिए क्या करेगा?
Jio इंडियन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के साथ मिलकर Virtual Classrooms के जरिए भारतीय भाषाओं में Training Programmes लाखों किसानों तक पहुंचाने की योजना पर काम करेगा।