Fuel Sales Cap पर सरकार सख्त, Jio-BP और Nayara Energy को बड़ा संदेश
सरकार ने Private Fuel Retailers Sales Cap को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पेट्रोलियम सचिव Neeraj Mittal ने कहा कि किसी भी कंपनी को ईंधन बिक्री सीमित करने की अनुमति नहीं है। Jio-BP और Nayara Energy के बिक्री प्रतिबंधों के बाद यह बयान आया है।
देश में पेट्रोल-डीजल की बिक्री को लेकर सरकार ने निजी ईंधन कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया है। Private Fuel Retailers Sales Cap को लेकर पेट्रोलियम सचिव Neeraj Mittal ने कहा कि किसी भी कंपनी को ईंधन की बिक्री पर कैप लगाने की अनुमति नहीं है। सरकार निजी खुदरा विक्रेताओं से बिक्री सीमित करने की व्यवस्था खत्म करने को कहेगी। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच घरेलू पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में मई से बदलाव नहीं हुआ है। इसी वजह से कुछ निजी ईंधन खुदरा कंपनियों ने चुनिंदा आउटलेट्स पर डीजल बिक्री को सीमित किया है।
Private Fuel Retailers Sales Cap पर सरकार का क्या रुख है?
सरकार के मुताबिक निजी ईंधन खुदरा कंपनियां पेट्रोल या डीजल की बिक्री पर मनमाना कैप नहीं लगा सकतीं। पेट्रोलियम सचिव Neeraj Mittal ने कहा कि ईंधन बिक्री सीमित करना स्वीकार्य नहीं है और इस संबंध में निजी खुदरा विक्रेताओं से बात की जाएगी। सरकार का कहना है कि पहले भी ईंधन खुदरा विक्रेताओं को इस संबंध में निर्देश दिए गए थे और मौजूदा स्थिति में उसका रुख बदला नहीं है। पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने भी कहा कि मंत्रालय निजी ईंधन कंपनियों के संपर्क में है।
Jio-BP और Nayara Energy ने क्यों सीमित की Diesel Sales?
Private Fuel Retailers Sales Cap का मुद्दा मुख्य रूप से Jio-BP और Nayara Energy के कुछ आउटलेट्स पर डीजल बिक्री सीमित किए जाने के बाद सामने आया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- Jio-BP ने कुछ जगहों पर प्रति ग्राहक 50 लीटर तक डीजल बिक्री सीमित की।
- Nayara Energy के कुछ आउटलेट्स पर सीमा 70 से 200 लीटर प्रति लेनदेन तक रही।
- कुछ औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहक खुदरा पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में डीजल खरीदने लगे थे।
- इसका एक कारण खुदरा और थोक डीजल की कीमतों के बीच बड़ा अंतर बताया गया है।
- रिपोर्ट्स के अनुसार यह अंतर करीब Rs 50 प्रति लीटर तक पहुंच गया था।
इस स्थिति में निजी कंपनियों के सामने एक तरफ खुदरा ग्राहकों की मांग थी, वहीं दूसरी तरफ बड़ी मात्रा में खरीद करने वाले औद्योगिक ग्राहकों की मांग बढ़ रही थी।
Petrol Diesel Sales Cap को लेकर विवाद क्यों बढ़ा?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद भारत में खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मई से बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे माहौल में कंपनियों की लागत और खुदरा बिक्री मूल्य के बीच अंतर बढ़ने से ईंधन कारोबार पर दबाव आया है। एक तेल विपणन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार डीजल की प्रत्येक लीटर बिक्री पर करीब Rs 50 का नुकसान हो रहा था। हालांकि, यह आंकड़ा कंपनी अधिकारी के हवाले से सामने आया है और इसे सभी खुदरा कंपनियों पर समान रूप से लागू आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। दूसरी ओर, निजी कंपनियों ने कहा है कि उनका उद्देश्य ईंधन की उपलब्धता बनाए रखना और परिवहन तथा अन्य जरूरी जरूरतों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना है। Jio-BP ने कहा था कि उसके सभी मोबिलिटी स्टेशन चालू हैं और पर्याप्त रूप से स्टॉक किए गए हैं। Nayara Energy ने भी अपने डीलर नेटवर्क में ईंधन आपूर्ति जारी रखने की बात कही।

Jio-BP Fuel Sales Cap और Nayara Energy पर क्या असर?
सरकार के हस्तक्षेप के बाद अब निजी ईंधन खुदरा कंपनियों के बिक्री प्रतिबंधों पर नजर रहेगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल खरीदने में अनावश्यक परेशानी न हो। इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू खुदरा और थोक ईंधन कीमतों का अंतर भी है। जब थोक बाजार की कीमत खुदरा कीमत से काफी अधिक हो जाती है, तो बड़े उपभोक्ताओं के लिए खुदरा पंपों से ईंधन खरीदना आर्थिक रूप से आकर्षक हो सकता है। इससे सामान्य खुदरा ग्राहकों के लिए उपलब्धता पर दबाव पड़ सकता है। इसी वजह से कंपनियों की ओर से कुछ आउटलेट्स पर खरीद सीमा लागू करने की व्यवस्था सामने आई थी।
सरकार ने GOBARdhan Scheme भी की लॉन्च
ईंधन बिक्री पर सरकार के बयान के साथ ही पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri ने गुरुवार को GOBARdhan Scheme लॉन्च की। इस योजना का कुल परिव्यय Rs 23,731 करोड़ है और इसे वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य देश में Compressed Biogas यानी CBG के उत्पादन और पूरे इकोसिस्टम को बढ़ावा देना है।
योजना के प्रमुख लक्ष्य हैं-
- घरेलू CBG उत्पादन को करीब 10 गुना बढ़ाना।
- निजी निवेश को आकर्षित करना।
- CBG के लिए स्थिर और दीर्घकालिक इकोसिस्टम तैयार करना।
- कृषि अवशेष, पशु अपशिष्ट और अन्य जैविक कचरे को ऊर्जा में बदलना।
- ग्रामीण आय और circular bio-economy को बढ़ावा देना।
सरकार के अनुसार GOBARdhan के तहत assured offtake, stable pricing, capital assistance, pipeline connectivity और credit support जैसे प्रावधानों को एकीकृत ढांचे में रखा गया है।
निष्कर्ष
Private Fuel Retailers Sales Cap को लेकर सरकार का रुख फिलहाल स्पष्ट है कि निजी कंपनियों को पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर कैप लगाने की अनुमति नहीं है। Jio-BP और Nayara Energy के कुछ आउटलेट्स पर बिक्री सीमित किए जाने के बाद यह मुद्दा सामने आया। अब आगे सरकार और निजी ईंधन कंपनियों के बीच बातचीत से बिक्री व्यवस्था को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Private fuel retailers पर सरकार ने warning क्यों दी?
सरकार ने निजी ईंधन खुदरा कंपनियों को बिक्री सीमित करने को लेकर चेतावनी दी है क्योंकि उसके अनुसार किसी भी कंपनी को पेट्रोल या डीजल की बिक्री पर कैप लगाने की अनुमति नहीं है।
Fuel sales cap क्या है?
Fuel sales cap का मतलब किसी ग्राहक को पेट्रोल या डीजल की एक निश्चित मात्रा से अधिक बिक्री पर सीमा लगाना है।
क्या private petrol pumps पर diesel और petrol की बिक्री सीमित की गई है?
Jio-BP और Nayara Energy के कुछ आउटलेट्स पर डीजल की बिक्री सीमित किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि, सभी आउटलेट्स पर समान सीमा लागू होने की बात नहीं कही गई है।
Jio-BP ने diesel sales पर कितना cap लगाया है?
रिपोर्ट्स के अनुसार Jio-BP ने कुछ जगहों पर प्रति ग्राहक डीजल बिक्री को 50 लीटर तक सीमित किया था।
Nayara Energy ने diesel sales पर कितना limit लगाया है?
रिपोर्ट्स के अनुसार Nayara Energy के कुछ आउटलेट्स पर डीजल बिक्री की सीमा 70 से 200 लीटर प्रति लेनदेन तक रही।
सरकार private fuel retailers से sales cap हटाने को क्यों कह रही है?
पेट्रोलियम सचिव के अनुसार ईंधन बिक्री पर कैप लगाना स्वीकार्य नहीं है। सरकार ने कहा है कि निजी खुदरा विक्रेताओं को बिक्री सीमित नहीं करनी चाहिए।