CSC 9th DNSA Meeting : भारत की मेजबानी में हुई कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) की 9वीं DNSA बैठक, क्या हैं इसके मायने?
भारत ने कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव की 9वीं डीएनएसए बैठक की वर्चुअल मेजबानी की। भारत, बांग्लादेश, मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और सेशेल्स ने हिंद महासागर की सुरक्षा, आतंकवाद, साइबर सिक्योरिटी, संगठित अपराध तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत में सहयोग की समीक्षा की।
भारत ने बुधवार को कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव (CSC) की 9वीं डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर यानी DNSA स्तर की बैठक की वर्चुअल मेजबानी की। इसमें भारत के साथ बांग्लादेश, मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और सेशेल्स ने हिस्सा लिया। बैठक में नवंबर 2025 में नई दिल्ली में हुई CSC की 7वीं नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर स्तर की बैठक में लिए गए फैसलों की समीक्षा की गई। इसके अलावा 2025-26 के लिए तैयार सहयोग और गतिविधियों के रोडमैप की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सदस्य देशों ने हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग मजबूत करने के साथ मानवीय सहायता और आपदा राहत के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

हिंद महासागर की सुरक्षा पर 6 देशों का फोकस
कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव हिंद महासागर क्षेत्र में साझा सुरक्षा चुनौतियों पर सहयोग का क्षेत्रीय मंच है। इसके तहत सदस्य देश समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद और कट्टरपंथ से मुकाबला, मानव तस्करी और सीमा-पार संगठित अपराध, साइबर सिक्योरिटी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा तथा मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग करते हैं।9वीं DNSA बैठक में इन्हीं क्षेत्रों में चल रहे प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। सदस्य देशों ने 2025-26 के रोडमैप के तहत अब तक हुई प्रगति पर संतोष जताया और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सहयोग आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।
हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री यातायात, तस्करी, आतंकवाद, संगठित अपराध और प्राकृतिक आपदाओं जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए देशों के बीच सूचनाओं, विशेषज्ञता और क्षमताओं को साझा करना CSC के सहयोग का अहम हिस्सा है। खासकर आपदा के समय अलग-अलग देशों की एजेंसियों के बीच तेजी से तालमेल बनाने को भी बैठक में महत्वपूर्ण बताया गया।
भारत की मेजबानी में हुई बैठक में कौन-कौन शामिल हुए?
बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (स्ट्रैटेजिक अफेयर्स) पवन कपूर ने किया। बांग्लादेश की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय के आर्म्ड फोर्सेज डिवीजन के डायरेक्टर जनरल ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद अली हैदर सिद्दीकी शामिल हुए।मालदीव के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर मेजर जनरल हमीद शफीग (रिटायर्ड) ने किया। मॉरीशस की ओर से प्रधानमंत्री कार्यालय में सिक्योरिटी मैटर्स के एक्टिंग प्रिंसिपल कोऑर्डिनेटर के. जयेप्रकाश ने हिस्सा लिया। सेशेल्स की ओर से राष्ट्रपति के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर जोएल मॉर्गन और श्रीलंका की ओर से रक्षा मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी पी.डी. इंदिका एल. विजेगुनावर्धना बैठक में शामिल हुए।
CSC सचिवालय की ओर से इसके सेक्रेटरी जनरल वाइस एडमिरल एस.एन. घोरमडे (रिटायर्ड) ने हिस्सा लिया। उन्होंने कोलंबो, श्रीलंका में सचिवालय की जिम्मेदारी संभाली है। सचिवालय की स्थापना CSC को एक स्थायी संस्थागत ढांचा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही है।
2025 की NSA बैठक के फैसलों की हुई समीक्षा
नई दिल्ली में 20 नवंबर 2025 को CSC की 7वीं नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर स्तर की बैठक हुई थी। मौजूदा DNSA बैठक में उसी बैठक में लिए गए फैसलों को लागू करने की स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही 2025-26 के रोडमैप के तहत चल रही गतिविधियों को भी देखा गया।इस समीक्षा का एक अहम हिस्सा सदस्य देशों के बीच ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम रहे। बैठक में बताया गया कि CSC के पांचों सहयोग क्षेत्रों में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में पर्याप्त प्रगति हुई है। इसका उद्देश्य सदस्य देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच व्यावहारिक सहयोग और आपसी क्षमता को मजबूत करना है।
मानवीय सहायता और आपदा राहत को लेकर भी सदस्य देशों ने अपनी साझेदारी दोहराई। हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवात, बाढ़, समुद्री दुर्घटना और अन्य आपात स्थितियों के दौरान राहत एवं बचाव अभियानों के लिए देशों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया।

FAQ (Frequently Asked Questions):
Colombo Security Conclave की 9वीं DNSA Meeting कब हुई?
CSC की 9वीं डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर स्तर की बैठक 30 सितंबर 2026 को वर्चुअल माध्यम से भारत की मेजबानी में हुई।
Colombo Security Conclave में कितने देश शामिल हुए?
इस बैठक में भारत, बांग्लादेश, मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और सेशेल्स ने हिस्सा लिया।
CSC Meeting में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया?
भारत की ओर से डिप्टी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (स्ट्रैटेजिक अफेयर्स) पवन कपूर ने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
Colombo Security Conclave का मुख्य Focus क्या है?
CSC का फोकस हिंद महासागर क्षेत्र में Maritime Security, Terrorism और Radicalisation से मुकाबला, Trafficking और Transnational Organised Crime, Cyber Security तथा Humanitarian Assistance and Disaster Relief पर सहयोग बढ़ाना है।
CSC की 7वीं NSA Meeting कब हुई थी?
CSC की 7वीं नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर स्तर की बैठक 20 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में हुई थी। 9वीं DNSA बैठक में उसके फैसलों और 2025-26 के Cooperation Roadmap की प्रगति की समीक्षा की गई।