गाजा शांति वार्ता के बीच कुशनर की फर्म का इजरायली डिफेंस कंपनियों से कनेक्शन, 456 मिलियन डॉलर का निवेश क्यों चर्चा में?
गाजा शांति वार्ता में शामिल जेरेड कुशनर की निजी इक्विटी फर्म एफिनिटी पार्टनर्स की इजराइली वित्तीय कंपनी फीनिक्स में हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठे हैं। सीएनएन के मुताबिक, फीनिक्स ने इजराइली सेना को हथियार देने वाली 9 कंपनियों में 456 मिलियन डॉलर से अधिक निवेश किया है।
Jared Kushner Firm Investment Israeli Company : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर एक तरफ गाजा युद्ध को खत्म कराने के लिए मध्य-पूर्व में अहम बातचीत कर रहे हैं, वहीं उनकी निजी इक्विटी फर्म एफिनिटी पार्टनर्स की इजराइल की बड़ी वित्तीय कंपनी फीनिक्स फाइनेंशियल में हिस्सेदारी को लेकर सवाल उठे हैं। सीएनएन की एक जांच के मुताबिक, फीनिक्स ने इजराइल की सेना को हथियार और सैन्य उपकरण देने वाली कम से कम 9 कंपनियों में निवेश किया है। इन कंपनियों में इजराइल की सबसे बड़ी हथियार निर्माता कंपनी एल्बिट सिस्टम्स भी शामिल है। सीएनएन के मुताबिक, इन 9 कंपनियों में फीनिक्स की हिस्सेदारी की कुल कीमत 456 मिलियन डॉलर से ज्यादा है। हालांकि एफिनिटी सीधे इन 9 कंपनियों में निवेश नहीं करती, लेकिन फीनिक्स में उसकी बड़ी हिस्सेदारी होने के कारण फीनिक्स के निवेश से होने वाले मुनाफे का असर एफिनिटी के निवेश पर पड़ता है।

कुशनर के सामने एक साथ कारोबारी और कूटनीतिक भूमिका
मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि कुशनर की फीनिक्स में हिस्सेदारी और गाजा में उनकी कूटनीतिक भूमिका एक ही समय में सामने आई है। ट्रंप प्रशासन में कुशनर ने कोई औपचारिक सरकारी पद स्वीकार नहीं किया है। इसके बजाय वे राष्ट्रपति के अनुरोध पर स्वयंसेवी आधार पर कूटनीतिक प्रयासों में शामिल रहे हैं। इसी वजह से उनके निजी कारोबारी निवेशों की वह वित्तीय पारदर्शिता लागू नहीं होती जो औपचारिक सरकारी पदों पर रहने वाले अधिकारियों पर लागू हो सकती है।सीएनएन के मुताबिक, कुशनर ने 2025 से गाजा वार्ता में अपनी भूमिका बढ़ाई। वे इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत क्षेत्र के दूसरे नेताओं से बातचीत करते रहे और अक्टूबर 2025 में इजराइल-हमास संघर्ष में युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने में भी भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने गाजा के पुनर्निर्माण को लेकर बड़े कारोबारी और पर्यटन केंद्र की योजना भी पेश की।
यही वजह है कि आलोचकों ने उनके निजी निवेश और कूटनीतिक भूमिका के बीच संभावित हितों के टकराव का सवाल उठाया है। हालांकि, सीएनएन की जांच में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि कुशनर की कूटनीतिक गतिविधियों ने फीनिक्स के उन निवेश फैसलों को सीधे प्रभावित किया था जिनकी जांच की गई।
कुशनर के वकील ने सीएनएन को बताया कि उन्होंने फीनिक्स के निवेश संबंधी फैसलों में कभी हिस्सा नहीं लिया, वे कंपनी के बोर्ड में नहीं रहे और उन्होंने इन 9 कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदने, रखने या बेचने के किसी फैसले में भूमिका नहीं निभाई। वकील के मुताबिक, यह कहना गलत होगा कि कुशनर की कूटनीतिक गतिविधियों का फीनिक्स के निवेश पर या फीनिक्स के निवेश का उनकी कूटनीतिक गतिविधियों पर कोई प्रभाव पड़ा।
2024 में फीनिक्स में निवेश, 2025 में सबसे बड़े शेयरधारक बने
2024 में फीनिक्स में निवेश, 2025 में सबसे बड़े शेयरधारक बनेएफिनिटी पार्टनर्स ने जुलाई 2024 में फीनिक्स फाइनेंशियल में पहली बार निवेश किया था। उस समय करीब 4.95% हिस्सेदारी 128.5 मिलियन डॉलर में खरीदी गई थी। जनवरी 2025 में इजराइली नियामकों से मंजूरी मिलने के बाद एफिनिटी ने करीब इतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदकर अपना निवेश लगभग दोगुना कर दिया और फीनिक्स की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई।
कुशनर ने इस निवेश को इजराइल की अर्थव्यवस्था और फीनिक्स के कारोबार की मजबूती पर भरोसे से जोड़ा था। उन्होंने कहा था कि जुलाई 2024 में फीनिक्स में निवेश इजराइल की आर्थिक क्षमता और कंपनी के कारोबार के मूल आधार में उनके विश्वास पर आधारित था।
बाद में यह निवेश एफिनिटी के लिए काफी लाभदायक साबित हुआ। जुलाई 2026 में एफिनिटी ने फीनिक्स में अपनी करीब एक-चौथाई हिस्सेदारी बेचकर 340 मिलियन डॉलर से ज्यादा हासिल किए। सीएनएन के अनुसार, यह उसकी शुरुआती खरीद कीमत के मुकाबले पांच गुना से ज्यादा रिटर्न था। इसके बाद भी एफिनिटी फीनिक्स की सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रही।
मार्च 2026 में प्रकाशित ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के मुताबिक, एफिनिटी पार्टनर्स की कुल परिसंपत्तियां 2025 के अंत तक बढ़कर 6.2 अरब डॉलर हो गई थीं। कंपनी को मध्य-पूर्व के सरकारी समर्थित निवेशकों से बड़ी पूंजी मिली है।
फीनिक्स के निवेश में इजराइल की सबसे बड़ी हथियार कंपनी भी
सीएनएन ने इजराइल के वित्तीय पारदर्शिता नियमों के तहत उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की। इन दस्तावेजों से फीनिक्स के निवेश पोर्टफोलियो के एक हिस्से की जानकारी सामने आती है। रिकॉर्ड में इजराइली सेना के लिए सैन्य उपकरण या दूसरे सामान बनाने वाली कम से कम 9 कंपनियों में फीनिक्स का निवेश मिला।इनमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी एल्बिट सिस्टम्स में बताई गई है। एल्बिट इजराइल की सबसे बड़ी रक्षा और हथियार निर्माता कंपनियों में से एक है। सीएनएन के मुताबिक फीनिक्स की एल्बिट में हिस्सेदारी की कीमत कम से कम 265 मिलियन डॉलर थी।
एल्बिट ने इजराइली रक्षा मंत्रालय से युद्ध के दौरान कई बड़े कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए हैं। इनमें हवाई हथियारों से जुड़े करीब 200 मिलियन डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट, 155 मिलीमीटर के आर्टिलरी शेल के लिए 48 मिलियन डॉलर का ऑर्डर और सैन्य टैंकों के अपग्रेड के लिए 210 मिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट शामिल है। 2025 में इजराइल एल्बिट का सबसे बड़ा बाजार था और कंपनी के कुल राजस्व में उसकी हिस्सेदारी 32% थी।
सीएनएन के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद एल्बिट के शेयर की कीमत में 165% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। कंपनी ने खुद भी इजराइली रक्षा मंत्रालय से मिलने वाली मांग में युद्ध से पहले की तुलना में महत्वपूर्ण वृद्धि की बात कही है।
फीनिक्स के निवेश वाली दूसरी कंपनियों में नेक्स्ट विजन शामिल है, जो सैन्य ड्रोन के लिए कैमरे बनाती है। इसकी हिस्सेदारी की कीमत 68 मिलियन डॉलर से ज्यादा बताई गई है। एक अन्य कंपनी रेशेफ टेक्नोलॉजीज है, जो आर्टिलरी शेल के लिए इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज बनाती है। फीनिक्स का इसमें निवेश कम से कम 40 मिलियन डॉलर का बताया गया है।
फीनिक्स के पास इजराइल शिपयार्ड्स में भी हिस्सेदारी है, जो इजराइली नौसेना के लिए तेज हमलावर नौकाएं बनाती है। इसके अलावा एशोट एश्केलॉन में फीनिक्स की 10% से ज्यादा हिस्सेदारी बताई गई है। यह कंपनी टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के लिए गियरबॉक्स और ट्रांसमिशन जैसे हिस्से बनाती है।
फीनिक्स ने अमेरिकी कंपनियों बोइंग और कैटरपिलर में भी निवेश किया है। बोइंग में उसकी हिस्सेदारी करीब 4 मिलियन डॉलर और कैटरपिलर में करीब 2.5 मिलियन डॉलर बताई गई है। बोइंग के उत्पादों में लड़ाकू विमान, हेलिकॉप्टर और बमों से जुड़े सिस्टम शामिल हैं। कैटरपिलर के बुलडोजर इजराइली सेना को अमेरिकी विदेशी सैन्य बिक्री कार्यक्रम के जरिए मिले हैं। सीएनएन ने संयुक्त राष्ट्र के हवाले से बताया कि ऐसे उपकरणों का इस्तेमाल गाजा और लेबनान में इलाकों को समतल करने में हुआ है।
सीएनएन की जांच में जिन 9 कंपनियों की पहचान की गई, उनमें से सभी के शेयर मूल्य में पिछले साल बढ़ोतरी हुई थी। कई कंपनियों ने गाजा युद्ध के दौरान अपने कारोबार या ऑर्डर में बढ़ोतरी की बात भी कही। हालांकि यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि फीनिक्स के सार्वजनिक रिकॉर्ड उसके पूरे निवेश पोर्टफोलियो को नहीं दिखाते। इनमें रिटायरमेंट अकाउंट, म्यूचुअल फंड, कॉरपोरेट बॉन्ड और दूसरे सिक्योरिटीज के जरिए मौजूद हिस्सेदारी शामिल नहीं है।
कुशनर और फीनिक्स के बीच संपर्क को लेकर भी सवाल
कुशनर के वकील ने कहा है कि उन्होंने फीनिक्स के निवेश फैसलों को निर्देशित नहीं किया। लेकिन सीएनएन के मुताबिक, सितंबर 2025 में कुशनर ने फोर्ब्स को बताया था कि फीनिक्स के साथ उनका काफी सक्रिय संपर्क रहता है और वे कंपनी के नेतृत्व से हर कुछ सप्ताह में मिलते थे।उनके वकील ने इस बात की पुष्टि की कि उस समय कुशनर फीनिक्स के प्रबंधन से कंपनी, बाजार की स्थिति और संभावित रणनीतिक अवसरों पर नियमित बातचीत करते थे। कुशनर ने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा था कि फीनिक्स सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में निवेश के अवसर तलाश रही है।
बाद में, जब कुशनर गाजा और दूसरे मध्य-पूर्वी मामलों में स्वयंसेवी कूटनीतिक भूमिका में ज्यादा सक्रिय हुए, तो उनके वकील के मुताबिक फीनिक्स के प्रबंधन के साथ उनका संपर्क काफी कम हो गया।
कुशनर ने अपने कारोबारी मॉडल को कूटनीति से अलग मानने के बजाय दोनों के बीच कारोबारी रिश्तों की भूमिका की बात भी की है। उन्होंने कहा था कि जब अरब और इजराइली पक्ष किसी कारोबारी अवसर पर साथ बैठते हैं तो वे एक-दूसरे के बीच समानताएं देखना शुरू करते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि मध्य-पूर्व के उनके निवेशक इजराइल की अर्थव्यवस्था में संभावनाएं देख रहे हैं और युद्ध खत्म होने में उनका आर्थिक हित भी हो सकता है।
गाजा के पुनर्निर्माण की योजना से भी जुड़ा है कुशनर का कारोबारी नजरिया
कुशनर ने जनवरी 2026 में दावोस में गाजा के युद्ध के बाद पुनर्निर्माण की एक योजना पेश की थी। इसमें समुद्र किनारे पर्यटन क्षेत्र, बड़ी संख्या में ऊंची इमारतों और नए एयरपोर्ट जैसी योजनाओं का उल्लेख था। उन्होंने गाजा को उद्योग और निवेश के केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही थी और निजी क्षेत्र को इसमें निवेश के अवसर मिलने की बात रखी थी।फरवरी 2026 में ट्रंप के बनाए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में भी कुशनर कार्यकारी सदस्य के रूप में मौजूद थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि इस पहल में शामिल कई लोग स्वयंसेवक हैं और निजी लाभ के लिए काम नहीं कर रहे हैं।
यहीं से उनके कारोबारी और कूटनीतिक काम के बीच दूरी को लेकर बहस और तेज हुई। कुशनर और मध्य-पूर्व के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ दोनों ने बातचीत में अपने कारोबारी अनुभव को उपयोगी बताया है। कुशनर ने अक्टूबर 2025 में कहा था कि जिसे कुछ लोग हितों का टकराव कहते हैं, उसे वे और विटकॉफ अपने अनुभव और भरोसेमंद रिश्तों के रूप में देखते हैं।
व्हाइट हाउस ने कहा- कारोबारी गतिविधियों का कूटनीतिक काम से संबंध नहीं
कुशनर की भूमिका को लेकर आलोचना भी सामने आई है। वॉशिंगटन स्थित सिटिजन्स फॉर रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड एथिक्स की चीफ एथिक्स काउंसल सिंथिया ब्राउन ने सीएनएन से कहा कि सरकार की नीतियां बनाने वाले लोगों और उनसे आर्थिक लाभ लेने वालों के बीच दूरी रहनी चाहिए। उन्होंने कुशनर के मामले को संभावित हितों के टकराव के संदर्भ में उठाया।डेमोक्रेट सांसद जेमी रस्किन ने भी अप्रैल में हाउस ज्यूडिशियरी कमिटी की ओर से कुशनर की भूमिका की जांच की बात कही थी। उन्होंने उनके कारोबारी और कूटनीतिक दायित्वों के एक साथ होने पर गंभीर सवाल उठाए।
दूसरी ओर व्हाइट हाउस ने इन चिंताओं को खारिज किया है। व्हाइट हाउस की प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी एना केली ने कहा कि कुशनर की निजी कारोबारी गतिविधियों का उनकी कूटनीतिक भूमिका से कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, कुशनर राष्ट्रपति के अनुरोध पर स्वयंसेवी आधार पर कूटनीतिक काम करते हैं।
फीनिक्स ने सीएनएन की जांच में बताए गए निवेशों पर विस्तृत जवाब नहीं दिया। कंपनी के प्रवक्ता ने इतना कहा कि फीनिक्स एक नियमन वाली कंपनी है और शेयरधारकों के लिए मूल्य मुख्य रूप से उसके कारोबार के प्रदर्शन से आता है, न कि केवल निवेश से मिलने वाले रिटर्न से। जिन 9 कंपनियों की पहचान सीएनएन ने की, उन्होंने भी रिपोर्ट के लिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण बात यह है कि फीनिक्स में एफिनिटी की बड़ी हिस्सेदारी और फीनिक्स के सैन्य क्षेत्र से जुड़े निवेश दस्तावेजों में दर्ज हैं, जबकि कुशनर की कूटनीतिक भूमिका भी सार्वजनिक है। लेकिन सीएनएन की जांच ने ऐसा कोई प्रत्यक्ष सबूत नहीं बताया है जिससे यह साबित हो कि कुशनर ने अपनी कूटनीतिक भूमिका का इस्तेमाल फीनिक्स के निवेश फैसलों को प्रभावित करने के लिए किया। विवाद का केंद्र इसी संभावित हितों के टकराव और उसके आसपास मौजूद पारदर्शिता का सवाल है।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Jared Kushner की Firm ने किस Israeli Company में Investment किया है?
जेरेड कुशनर की निवेश फर्म एफिनिटी पार्टनर्स ने इजराइल की बड़ी वित्तीय कंपनी फीनिक्स फाइनेंशियल में निवेश किया है। जनवरी 2025 में अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के बाद एफिनिटी फीनिक्स की सबसे बड़ी शेयरधारक बन गई थी।
Jared Kushner के Investment को Conflict of Interest क्यों बताया जा रहा है?
क्योंकि कुशनर गाजा और मध्य-पूर्व में कूटनीतिक बातचीत में सक्रिय हैं, जबकि उनकी फर्म फीनिक्स में बड़ी हिस्सेदारी रखती है। सीएनएन की जांच के अनुसार फीनिक्स ने इजराइली सेना को सैन्य उपकरण देने वाली कम से कम 9 कंपनियों में निवेश किया है। हालांकि कुशनर के वकील ने कहा है कि उन्होंने इन कंपनियों से जुड़े फीनिक्स के निवेश फैसलों में कोई भूमिका नहीं निभाई।
Jared Kushner की Firm का Israeli Company से क्या संबंध है?
एफिनिटी पार्टनर्स फीनिक्स फाइनेंशियल की सबसे बड़ी शेयरधारक है। सीएनएन के मुताबिक जुलाई 2026 में एफिनिटी ने अपनी करीब एक-चौथाई हिस्सेदारी बेचकर 340 मिलियन डॉलर से ज्यादा हासिल किए, फिर भी वह फीनिक्स की सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रही।
इस Investment को लेकर कौन से सवाल उठ रहे हैं?
मुख्य सवाल यह है कि क्या एक ऐसे व्यक्ति की निजी कारोबारी हिस्सेदारी और कूटनीतिक भूमिका के बीच पर्याप्त दूरी है, जो एक ही समय में गाजा में शांति वार्ता में सक्रिय हो। हालांकि उपलब्ध जांच में कुशनर द्वारा फीनिक्स के सैन्य क्षेत्र से जुड़े निवेशों को सीधे प्रभावित करने का सबूत सामने नहीं आया है।
Jared Kushner के Business Interests का इस मामले से क्या संबंध है?
कुशनर की एफिनिटी पार्टनर्स को मध्य-पूर्व के सरकारी समर्थित निवेशकों से बड़ी पूंजी मिली है। फीनिक्स में उसका निवेश इजराइल की अर्थव्यवस्था पर दांव के रूप में पेश किया गया था। जुलाई 2026 में इस निवेश के एक हिस्से की बिक्री से 340 मिलियन डॉलर से ज्यादा मिले। वहीं, फीनिक्स के निवेश पोर्टफोलियो में सैन्य उपकरण से जुड़ी कंपनियां भी शामिल हैं।