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Smit Machchhar US House Resolution: अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में प्रस्ताव, आखिर क्यों हुई उनकी तारीफ?

फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट में यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव पेश किया गया। प्रस्ताव में उनकी बहादुरी, क्रू और यात्रियों के साहस की सराहना करते हुए घटना को आतंकी हमला बताया गया है।

Smit Machchhar US House Resolution: अमेरिकी संसद में कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में प्रस्ताव, आखिर क्यों हुई उनकी तारीफ?

Smit Machchhar US House Resolution: फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हमले के दौरान यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान में अमेरिकी संसद की प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव पेश किया गया है। प्रस्ताव में कैप्टन मच्छार की बहादुरी की तारीफ करते हुए फ्लाइट के क्रू और यात्रियों के साहस की भी सराहना की गई है। प्रस्ताव को डेमोक्रेट सांसद जोश गॉटहाइमर ने पेश किया, जबकि रिपब्लिकन सांसद माइकल मैककॉल और डॉन बेकन इसके को-स्पॉन्सर हैं। हालांकि, उपलब्ध विधायी रिकॉर्ड के अनुसार यह प्रस्ताव अभी हाउस फॉरेन अफेयर्स कमिटी के पास है, इसलिए इसे प्रतिनिधि सभा से पारित हुआ प्रस्ताव कहना अभी सही नहीं होगा।प्रस्ताव का नाम “Honoring Captain Smit Machchhar and the crew and passengers of Flydubai Flight 1073, and condemning the attempted terrorist attack on that flight” है। इसमें 30 सितंबर 2026 की घटना को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन की सुरक्षा पर आतंकी हमला बताया गया है। साथ ही अमेरिका ने सऊदी अरब और यूएई से मामले की पूरी और जल्द जांच करने की अपील की है।

अमेरिकी प्रस्ताव में यात्रियों और क्रू की भी तारीफ

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पेश प्रस्ताव सिर्फ कैप्टन स्मित मच्छार के सम्मान तक सीमित नहीं है। इसमें ऑफ-ड्यूटी पायलटों, केबिन क्रू और यात्रियों की भी तारीफ की गई है, जिन्होंने कॉकपिट को सुरक्षित करने और विमान को सुरक्षित उतारने में मदद की।
प्रस्ताव में कैप्टन मच्छार और घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई है। साथ ही सऊदी अरब और यूएई से घटना की पूरी और जल्द जांच करने को कहा गया है और अमेरिका तथा इजराइल को जांच की जानकारी देते रहने की अपील की गई है।
यह प्रस्ताव अमेरिकी संसद में द्विदलीय समर्थन के साथ सामने आया है, क्योंकि इसे डेमोक्रेट जोश गॉटहाइमर ने पेश किया और रिपब्लिकन माइकल मैककॉल तथा डॉन बेकन इसके को-स्पॉन्सर हैं। लेकिन फिलहाल यह कमिटी स्तर पर है। इसलिए अभी इसे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा द्वारा औपचारिक रूप से पारित सम्मान प्रस्ताव बताना जल्दबाजी होगी।

174 यात्रियों वाली फ्लाइट में अचानक मचा हड़कंप

फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 30 सितंबर को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के लिए रवाना हुई थी। अमेरिकी प्रस्ताव के मुताबिक विमान में करीब 174 यात्री थे, जिनमें 27 बच्चे और चार अमेरिकी नागरिक भी शामिल थे। उड़ान के दौरान ओमानी फर्स्ट ऑफिसर हमाम अल-हमामी ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया और विमान के कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की। प्रस्ताव में कहा गया है कि हमले के दौरान विमान करीब 30 सेकंड में 14 हजार फीट से ज्यादा नीचे चला गया।गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने हमलावर का सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। इसके बाद यात्रियों, केबिन क्रू और विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने मिलकर हमलावर को काबू किया। दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट में पहुंचकर विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
यूएई के अटॉर्नी जनरल ने 3 अक्टूबर को कहा था कि जांच में फर्स्ट ऑफिसर की कार्रवाई को आतंकी घटना के रूप में देखा गया है। अमेरिकी प्रस्ताव में भी इसी निष्कर्ष का हवाला देते हुए हमले की निंदा की गई है।

गंभीर चोट के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोला

कैप्टन मच्छार को हमले में सिर, गर्दन और हाथ पर गंभीर चोटें आईं। बाद की रिपोर्टों में सिर की गंभीर चोट और गहरे घावों का भी जिक्र आया है। इसके बावजूद उन्होंने विमान को बचाने की कोशिश जारी रखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अस्पताल से हुई बातचीत में मच्छार ने बताया था कि उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था, जिसके बाद यात्रियों और दूसरे पायलटों को अंदर आने का मौका मिला।यही वजह है कि अमेरिकी प्रस्ताव में उनके साहस को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है। प्रस्ताव में कहा गया है कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अपनी बची हुई ताकत से कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे ऑफ-ड्यूटी पायलट अंदर जा सके और यात्रियों तथा क्रू को हमलावर को रोकने में मदद मिली।

डेंटिस्ट ने 45 मिनट तक संभाला, टी-शर्ट से रोका खून

कैप्टन मच्छार की जान बचाने में विमान में मौजूद डेंटिस्ट डॉ. शोता मुसेव की भूमिका भी सामने आई है। चीखने की आवाज सुनकर वह कॉकपिट की ओर पहुंचे। वहां उन्होंने मच्छार को गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ देखा।मुसेव ने बताया कि कैप्टन के सिर और बाएं हाथ पर गहरे घाव थे। विमान में सीमित मेडिकल सामान होने के कारण उन्होंने टी-शर्ट का इस्तेमाल घावों पर दबाव बनाने के लिए किया। उन्होंने क्रू से बर्फ भी मंगाई और करीब 45 मिनट तक खून रोकने की कोशिश करते रहे।
मुसेव लगातार कैप्टन से बात करते रहे ताकि वह होश में रहें। उन्होंने उनसे परिवार और बच्चों के बारे में सवाल किए और भरोसा दिलाया कि जल्द ही वह अपने परिवार के पास पहुंच जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक एक समय मच्छार की नब्ज बहुत धीमी हो गई और उनके होंठ नीले पड़ने लगे थे। इसके बाद विमान को जल्द उतारने की जरूरत महसूस हुई।
मुसेव के मुताबिक, कैप्टन ने दर्द कम करने के लिए दवा मांगी थी, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार किया क्योंकि उन्हें डर था कि इस हालत में दवा देने या ज्यादा हिलाने से खून का बहाव बढ़ सकता है। बाद में विमान तबुक पहुंचा, जहां मच्छार को मेडिकल मदद मिली। इसके बाद उन्हें यूएई ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

कुल्हाड़ी से किया था हमला, यात्रियों ने हमलावर को बांधा

शुरुआत में यात्रियों की ओर से चाकू से हमला किए जाने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन यूएई अधिकारियों ने बाद में बताया कि फर्स्ट ऑफिसर ने विमान की इमरजेंसी क्रैश एक्स से कैप्टन पर हमला किया था। अमेरिकी प्रस्ताव में भी इसी क्रैश एक्स का उल्लेख किया गया है।क्रैश एक्स विमान में आपात स्थिति के लिए रखा जाता है। इसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर विमान के किसी पैनल को काटने या फंसे यात्रियों तक पहुंच बनाने के लिए किया जा सकता है। इस घटना में इसी उपकरण को कथित तौर पर हमले के लिए इस्तेमाल किया गया।
कॉकपिट में हुए संघर्ष के बाद यात्री और क्रू हमलावर को रोकने में जुट गए। रिपोर्टों के मुताबिक यात्रियों ने हेडफोन की तार से उसके हाथ-पैर बांध दिए। जब उसने छूटने की कोशिश की तो उसे और कसकर बांधा गया। इसके बाद वह काबू में आ गया। विमान को तबुक में सुरक्षित उतारने के बाद आरोपी को अधिकारियों के हवाले किया गया।

FAQ (Frequently Asked Questions):

Smit Machchhar कौन हैं और US House ने उन्हें क्यों सम्मानित किया?

कैप्टन स्मित मच्छार फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के भारतीय पायलट हैं। 30 सितंबर 2026 को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट के कॉकपिट में फर्स्ट ऑफिसर ने उन पर हमला कर विमान को अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश की। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और दूसरे पायलटों ने हमलावर को काबू किया और विमान को सुरक्षित तबुक उतारा गया। इसी बहादुरी के सम्मान में अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव पेश किया गया है।

Indian Pilot Smit Machchhar ने कौन सा Terror Attack Foil किया?

उन्होंने फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट में हुए कथित कॉकपिट टेकओवर और आतंकी हमले को नाकाम करने में अहम भूमिका निभाई। यूएई के अटॉर्नी जनरल के मुताबिक जांच में फर्स्ट ऑफिसर की कार्रवाई को आतंकी घटना माना गया।

US House ने Smit Machchhar को कब और क्यों Honor किया?

5 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी प्रतिनिधि जोश गॉटहाइमर ने कैप्टन मच्छार और फ्लाइट के क्रू व यात्रियों के सम्मान में H.Res. 1612 पेश किया। प्रस्ताव में उनके साहस की तारीफ की गई और हमले को अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन के खिलाफ आतंकी हमला बताया गया। उपलब्ध विधायी रिकॉर्ड के अनुसार प्रस्ताव अभी फॉरेन अफेयर्स कमिटी में है।

Smit Machchhar को US House से कौन सा सम्मान मिला?

यह कोई व्यक्तिगत पदक या पुरस्कार नहीं है। H.Res. 1612 एक हाउस रिजॉल्यूशन है, जिसमें कैप्टन मच्छार के असाधारण साहस की सराहना की गई है। प्रस्ताव में फ्लाइट के क्रू और यात्रियों के योगदान को भी सम्मानित किया गया है।

Indian Pilot Smit Machchhar की कहानी क्या है?

30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई-तेल अवीव फ्लाइट में ओमानी फर्स्ट ऑफिसर ने कॉकपिट में कैप्टन मच्छार पर हमला किया और विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की। विमान तेजी से नीचे गया, लेकिन गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की। यात्रियों, क्रू और ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने हमलावर को काबू किया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। बाद में डेंटिस्ट शोता मुसेव ने करीब 45 मिनट तक मच्छार के खून का बहाव रोकने और उन्हें होश में रखने की कोशिश की। मच्छार को बाद में यूएई ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

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