Vivek Bhagat Promotion : ACP विवेक भगत का DCP चार्ज रोका गया, महिला पत्रकारों से बदसलूकी का क्या है पूरा मामला?
महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के आरोपों की जांच के बीच दिल्ली पुलिस के एसीपी विवेक भगत ने एडिशनल डीसीपी का करंट ड्यूटी चार्ज नहीं लेने का अनुरोध किया। दिल्ली सरकार ने आदेश संशोधित कर उन्हें हटाया, जबकि बाकी 11 अधिकारियों का चार्ज बरकरार रखा।
Vivek Bhagat Promotion : दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत को एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज दिए जाने का आदेश अब संशोधित कर दिया गया है। महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के आरोपों की जांच पूरी होने तक भगत ने खुद यह चार्ज नहीं लेने का अनुरोध किया था। इसके बाद दिल्ली सरकार ने 5 अक्टूबर के उस आदेश में बदलाव कर उन्हें चार्ज पाने वाले 12 अधिकारियों की सूची से हटा दिया। अब यह करंट ड्यूटी चार्ज बाकी 11 DANIPS अधिकारियों के लिए जारी किया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि यह नियमित प्रमोशन नहीं, बल्कि अस्थायी प्रशासनिक व्यवस्था थी और इससे कोई वित्तीय लाभ नहीं मिलता था।

पहले 12 अधिकारियों को दिया गया था एडिशनल DCP का चार्ज
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की मंजूरी के बाद 5 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस में तैनात 12 सेलेक्शन ग्रेड DANIPS अधिकारियों को एडिशनल DCP पद का करंट ड्यूटी चार्ज देने का आदेश जारी हुआ था। इसमें ACP विवेक भगत का नाम भी शामिल था। उस समय भगत कनॉट प्लेस के सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर (SDPO) के तौर पर तैनात थे।हालांकि, दिल्ली सरकार ने बाद में स्पष्ट किया कि इसे सामान्य प्रमोशन नहीं माना जाना चाहिए। करंट ड्यूटी चार्ज एक अस्थायी व्यवस्था थी, जिसमें कोई अतिरिक्त वित्तीय लाभ नहीं था। साथ ही जिन अधिकारियों को यह चार्ज दिया गया था, वे नियमित एडिशनल DCP के वैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे।
सरकार ने यह भी बताया कि इन 12 अधिकारियों को करंट ड्यूटी चार्ज देने की प्रक्रिया 25 अगस्त को शुरू की गई थी, यानी महिला पत्रकारों से जुड़ी मौजूदा शिकायतों से काफी पहले। आदेश को सभी जरूरी मंजूरियों के बाद 5 अक्टूबर को जारी किया गया था।
महिला पत्रकारों की शिकायत के बाद विवेक भगत ने खुद हटने को कहा
विवेक भगत पर 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार से कथित यौन उत्पीड़न का आरोप लगा। इस प्रदर्शन में चुनाव आयोग के कामकाज और वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ प्रदर्शन किया जा रहा था।इस मामले में कुल तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस को मिली शिकायतों को आगे की जांच के लिए क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है।
इसी बीच विवेक भगत ने खुद अनुरोध किया कि जब तक महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के मामले की पूरी जांच नहीं हो जाती और जांच संतोषजनक तरीके से पूरी नहीं होती, तब तक उन्हें एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज न दिया जाए। दिल्ली सरकार ने उनके अनुरोध के बाद पुराने आदेश को संशोधित करने का फैसला लिया।
अब 11 अधिकारियों के लिए दोबारा जारी होगा आदेश
दिल्ली सरकार के मुताबिक 5 अक्टूबर के आदेश को संशोधित कर अब विवेक भगत को इसमें से हटा दिया जाएगा। बाकी 11 अधिकारियों के लिए एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज जारी रहेगा।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भगत को चार्ज से हटाने का फैसला उनके खिलाफ आरोप साबित होने के आधार पर नहीं बताया गया है। उन्होंने खुद जांच पूरी होने तक इस जिम्मेदारी से अलग रहने का अनुरोध किया था। मामले की जांच अभी जारी है, इसलिए आरोपों को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।
शिकायतें क्राइम ब्रांच को भेजी गईं
3 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। दिल्ली पुलिस के मुताबिक नई दिल्ली जिले को शिकायतें मिलीं और उन्हें क्राइम ब्रांच को आगे की जांच के लिए सौंप दिया गया।प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और वोटर लिस्ट में कथित अनियमितताओं के खिलाफ था। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान भीड़ को हटने के लिए कहा गया था, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। शिकायत करने वाली पत्रकारों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया और जांच एजेंसी उपलब्ध वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
मामले के सामने आने के बाद कुछ स्वतंत्र पत्रकारों ने भी संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। हालांकि, विवेक भगत या किसी अन्य अधिकारी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
FAQ (Frequently Asked Questions):
Delhi Police ACP Vivek Bhagat की Promotion क्यों रोकी गई?
इसे नियमित प्रमोशन नहीं, बल्कि एडिशनल DCP का अस्थायी करंट ड्यूटी चार्ज बताया गया है। महिला पत्रकारों से कथित बदसलूकी के आरोपों की जांच के बीच विवेक भगत ने खुद जांच पूरी होने तक यह चार्ज नहीं लेने का अनुरोध किया, जिसके बाद आदेश संशोधित किया गया।
Vivek Bhagat के खिलाफ Journalist Harassment Inquiry क्या है?
3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारियों पर कथित यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। शिकायतों को क्राइम ब्रांच को जांच के लिए भेजा गया है।
Vivek Bhagat को Additional DCP Promotion क्यों नहीं मिली?
उन्हें नियमित प्रमोशन नहीं मिला था। 5 अक्टूबर को उन्हें 11 अन्य अधिकारियों के साथ एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज दिया गया था। जांच पूरी होने तक उन्होंने खुद इस चार्ज से अलग रहने का अनुरोध किया, जिसके बाद उनका नाम संशोधित आदेश से हटा दिया गया।
Delhi Police ने इस मामले में क्या Action लिया?
महिला पत्रकारों की शिकायतें क्राइम ब्रांच को जांच के लिए भेजी गई हैं। वहीं, दिल्ली सरकार ने विवेक भगत का एडिशनल DCP का करंट ड्यूटी चार्ज रोककर संशोधित आदेश जारी करने का फैसला लिया है।
Journalist Harassment Case में Inquiry किस बात को लेकर है?
जांच का मुख्य मुद्दा 3 अक्टूबर के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों द्वारा पुलिस अधिकारियों पर लगाए गए कथित यौन उत्पीड़न के आरोप हैं। जांच में शिकायतों, उपलब्ध वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।