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India Power Shortages: 3 साल के High पर पहुंची बिजली की कमी, Delhi समेत 8 States ने मांगी Extra Supply, आखिर क्यों बढ़ा संकट?

सितंबर में India Power Shortages तीन साल के High पर पहुंच गई। 8 राज्यों और Delhi ने Extra Power Supply मांगी। कमजोर hydro generation, plant outages, coal stock pressure और limited battery storage ने खासकर रात की बिजली supply पर दबाव बढ़ाया।

India Power Shortages: 3 साल के High पर पहुंची बिजली की कमी, Delhi समेत 8 States ने मांगी Extra Supply, आखिर क्यों बढ़ा संकट?

भारत में India Power Shortages का संकट सितंबर में तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। बढ़ती बिजली मांग, कमजोर Hydropower Generation, कई Thermal Power Plants में maintenance और पर्याप्त Battery Storage की कमी के चलते रात के समय बिजली आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। अब Rajasthan, Gujarat, Maharashtra, Tamil Nadu समेत 8 राज्यों और Delhi ने केंद्र से अतिरिक्त बिजली की मांग की है।

किन राज्यों ने मांगी Extra Power Supply?

India Electricity Shortage के बीच Rajasthan और Gujarat जैसे renewable-energy rich states भी अतिरिक्त बिजली की मांग कर रहे हैं। इनके अलावा Maharashtra, Tamil Nadu, Andhra Pradesh, West Bengal, Uttar Pradesh, Chhattisgarh और Delhi ने भी केंद्र से अतिरिक्त supply मांगी है।केंद्र के पास सामान्य परिस्थितियों में करीब 14-15 GW बिजली ऐसी होती है, जिसे shortage के समय राज्यों के बीच allocate किया जा सकता है। लेकिन इस बार उपलब्ध अतिरिक्त बिजली पहले ही काफी हद तक आवंटित हो चुकी है। ऐसे में किसी राज्य को ज्यादा बिजली देने के लिए दूसरे राज्य की supply में कटौती करनी पड़ सकती है।पंजाब को पहले ही अतिरिक्त बिजली दी जा चुकी है। सितंबर में राज्य के कुछ इलाकों में रोजाना 14 घंटे तक power outages की स्थिति सामने आई थी।

India Power Shortages 3-Year High पर क्यों पहुंचा?

India Power Shortages बढ़ने के पीछे कई कारण एक साथ काम कर रहे हैं। सबसे बड़ी वजहों में कमजोर Hydropower Generation शामिल है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार सितंबर में hydropower generation पिछले साल की तुलना में करीब 20% कम रही। इसके उलट coal-fired generation में 13.3% की बढ़ोतरी हुई।कम बारिश और El Niño से जुड़ी मौसम की परिस्थितियों ने hydro generation को प्रभावित किया। इससे रात के समय बिजली उपलब्ध कराने का दबाव Thermal Power Plants पर और बढ़ गया।इसके अलावा कई coal-based plants maintenance के कारण offline हैं। Grid-India के आंकड़ों के मुताबिक करीब 41 GW power capacity offline थी। वहीं लगभग 47% coal plants critical fuel levels पर बताए गए, यानी उनके पास निर्धारित आवश्यकता के एक-चौथाई से भी कम coal stock था।

Solar Power बढ़ी, फिर भी रात में क्यों बढ़ी परेशानी?

यह Power Crisis in India का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। देश में Solar और Renewable Energy Capacity तेजी से बढ़ रही है, लेकिन solar power का उत्पादन मुख्य रूप से दिन में होता है।दोपहर के समय पैदा होने वाली अतिरिक्त solar electricity को बड़े पैमाने पर store करके शाम और रात में इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त Battery Storage अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए सूरज ढलने के बाद demand बढ़ने पर grid को coal और hydro जैसी sources पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है।यानी समस्या सिर्फ बिजली बनाने की क्षमता की नहीं, बल्कि सही समय पर बिजली उपलब्ध कराने की भी है।

India Electricity Demand कितनी बढ़ी?

बिजली की मांग में तेज वृद्धि ने संकट को और गंभीर किया है। सितंबर 2026 में भारत की कुल electricity generation पिछले साल की तुलना में 11.3% बढ़कर 174.17 billion kWh हो गई। वहीं सितंबर में peak power demand 269 GW तक पहुंच गई।औद्योगिक गतिविधियों और लंबे समय तक गर्म मौसम के कारण बिजली की जरूरत बढ़ी। इस बढ़ती मांग के बीच hydro generation कमजोर रही और कई plants maintenance में चले गए, जिससे supply-demand gap बढ़ गया।

सरकार के सामने अब क्या चुनौती है?

केंद्र के सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्यों की बढ़ती मांग को पूरा करना है। उपलब्ध अतिरिक्त बिजली सीमित है और कई राज्य पहले से ज्यादा supply मांग रहे हैं। ऐसे में बिजली exchanges से महंगी बिजली खरीदना पड़ सकता है।इस संकट से यह भी साफ हुआ है कि भारत के लिए सिर्फ renewable capacity बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। Battery Storage, grid flexibility और energy management को भी तेजी से मजबूत करना जरूरी है।Power Ministry renewable-energy producers को battery storage systems के integration में तेजी लाने के लिए जोर दे रहा है, ताकि दिन में पैदा होने वाली अतिरिक्त solar electricity को रात में इस्तेमाल किया जा सके।

निष्कर्ष

India Power Shortages का तीन साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचना भारत के energy system के सामने मौजूद नई चुनौती को दिखाता है। Renewable capacity बढ़ने के बावजूद रात के समय पर्याप्त supply के लिए hydro, coal और storage infrastructure महत्वपूर्ण बने हुए हैं। अब राज्यों की अतिरिक्त बिजली मांग के साथ सरकार के सामने supply management और battery storage को तेजी से मजबूत करने की चुनौती है।

FAQ (Frequently Asked Questions):

India Power Shortages तीन साल के High पर क्यों पहुंचा?

कमजोर hydropower generation, coal plants का maintenance, critical coal stocks, बढ़ती electricity demand और पर्याप्त battery storage की कमी इसके प्रमुख कारण हैं।

किन States ने Extra Power Supply की मांग की?

Rajasthan, Gujarat, Maharashtra, Tamil Nadu, Andhra Pradesh, West Bengal, Uttar Pradesh और Chhattisgarh के अलावा Delhi ने अतिरिक्त बिजली की मांग की है।

Delhi में Power Shortage क्यों हो रही है?

Delhi समेत कई राज्यों में खासकर रात के समय supply पर दबाव है। कमजोर hydro generation, plant outages और सीमित अतिरिक्त बिजली उपलब्धता इसके पीछे प्रमुख कारण हैं।

Rajasthan, Gujarat और Maharashtra में Electricity Demand क्यों बढ़ी?

औद्योगिक गतिविधि, लंबे समय तक गर्म मौसम और बढ़ती overall electricity demand ने राज्यों की जरूरत बढ़ाई है। सितंबर में देश की peak demand 269 GW तक पहुंची।

India में Power Demand कितनी बढ़ गई है?

सितंबर 2026 में भारत की electricity generation सालाना आधार पर 11.3% बढ़कर 174.17 billion kWh हुई, जबकि peak power demand 269 GW तक पहुंच गई।

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